हेमाबंद पशु क्रूरता मामले में प्रशासन का बड़ा एक्शन, पिता-पुत्र गिरफ्तार; 126 पशु गौशालाओं में भेजे

बेमेतरा। जिले के दाढ़ी तहसील के ग्राम हेमाबंद में आवारा और घुमंतू पशुओं को कथित तौर पर अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी दिलीप राय और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पशु क्रूरता के आरोप में FIR
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई थी।
126 पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाया
मौके से मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अलग-अलग गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया गया। पशुओं के उपचार और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
सरकारी जमीन से हटाया गया कब्जा
प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वहीं, मामले में इस्तेमाल किए गए जब्त ट्रैक्टर के राजसात की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच
जांच के दौरान गांव की सीमा में कुछ मृत पशु भी मिले हैं। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम आवश्यक चिकित्सकीय जांच और परीक्षण कर रही है।
लापरवाही पर पंचायत सचिव निलंबित
मामले में पंचायत स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद ग्राम पंचायत हेमाबंद के सचिव प्रकाश कोशले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु क्रूरता, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और कर्तव्यों में लापरवाही जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।




