#प्रदेश

सेवा संकल्प अभियान के नाम पर सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने उठाए सवाल

Advertisement Carousel

 

0 विधायक ने कहा—सरकार स्पष्ट करे, दीप प्रज्वलन सहित अभियान की गतिविधियों पर होने वाला खर्च किस मद से होगा

नगरी.सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित किए जाने के संबंध में जारी प्रशासनिक निर्देशों पर सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने सरकार और प्रशासन से वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।
धमतरी जिले के नगरी अनुविभाग से जारी आदेश में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कुल 13 गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। इनमें 17 सितंबर की संध्या प्रत्येक परिवार स्तर पर दीप प्रज्वलन, विद्यालयों में प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, आंगनवाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद, सेवा ज्योति यात्रा, जन जल सेवा संकल्प, सेवा गतिविधियां, विधानसभा/विकासखंड स्तरीय शिविर, रंगोली, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज तथा 17 अक्टूबर को जनसेवक महाकुंभ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

सेवा संकल्प अभियान आदेश
विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि जनता के पैसे का उपयोग जनहित की प्राथमिकताओं के लिए होना चाहिए। सरकार यदि इतने बड़े स्तर पर अभियान आयोजित कर रही है तो प्रत्येक गतिविधि पर होने वाले खर्च, उसके लिए निर्धारित बजट, संबंधित विभागीय मद तथा भुगतान की प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

दीप प्रज्वलन पर सरकार स्पष्ट करे खर्च का स्रोत
विधायक ने कहा कि धमतरी जिले के प्रशासनिक आदेश में 17 सितंबर की संध्या प्रत्येक परिवार स्तर पर दीप प्रज्वलन की गतिविधि निर्धारित की गई है। लेकिन आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दीप, तेल अथवा अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था किस मद से और किसके द्वारा की जाएगी।

सेवा संकल्प अभियान आदेश 
उन्होंने कहा कि यदि इस गतिविधि के लिए पंचायत, नगरीय निकाय अथवा किसी अन्य शासकीय मद से राशि खर्च की जानी है, तो सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। वहीं यदि यह कार्यक्रम पूरी तरह जनभागीदारी से किया जाना है, तो प्रशासन को इसकी स्पष्ट गाइडलाइन जारी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिना वित्तीय स्रोत स्पष्ट किए सरकारी मशीनरी को किसी अभियान में लगाने से जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।

13 गतिविधियों पर खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग
सिहावा विधायक ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल दीप प्रज्वलन तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक आदेश में कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां निर्धारित की गई हैं और इनके लिए नोडल एवं सहायक अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
सेवा संकल्प अभियान आदेश 
ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि—
प्रत्येक गतिविधि के लिए कितनी राशि निर्धारित है?
राशि किस विभागीय मद से खर्च होगी?
सामग्री की खरीदी किस प्रक्रिया से होगी?

कार्यक्रमों में पंचायत एवं स्थानीय निकायों की क्या वित्तीय भूमिका होगी?
जनभागीदारी के नाम पर किसी स्थानीय संस्था या पंचायत पर आर्थिक दबाव तो नहीं डाला जाएगा?
अभियान समाप्त होने के बाद प्रत्येक गतिविधि का व्यय विवरण और उपयोगिता प्रमाण सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं?
विधायक ने कहा कि इन सवालों का जवाब देना इसलिए जरूरी है क्योंकि सरकारी धन जनता का धन है और उसके प्रत्येक रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए।

जनता की मूल जरूरतों को प्राथमिकता देने की मांग
अंबिका मरकाम ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी अभियान के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि अथवा स्थानीय निकायों के मूलभूत कार्य प्रभावित न हों।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्कूल भवन, आंगनवाड़ी भवन तथा अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े कार्य जनता की प्राथमिकता हैं। ऐसे में सरकार को अभियान की गतिविधियों के साथ-साथ इन मूलभूत सुविधाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी समान गंभीरता दिखानी चाहिए।

“अभियान हो तो जनहित और पारदर्शिता के साथ हो”
विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि उन्हें जनभागीदारी अथवा सामाजिक गतिविधियों से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन सरकारी तंत्र और सरकारी संसाधनों से संचालित किसी भी कार्यक्रम में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सेवा संकल्प अभियान वास्तव में जनता की सेवा और जनभागीदारी के उद्देश्य से है तो सरकार को अभियान के संपूर्ण वित्तीय प्रावधान सार्वजनिक करने चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि इसमें सरकारी बजट का कितना उपयोग होगा।

सरकार से विधायक के प्रमुख सवाल
सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि धमतरी जिले में संचालित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के संबंध में एक सार्वजनिक वित्तीय विवरण जारी किया जाए। इसमें प्रत्येक 13 गतिविधियों की अनुमानित लागत, बजट मद, खर्च करने वाली एजेंसी तथा जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी शामिल हो।
उन्होंने कहा कि जनता को दीप जलाने के लिए कहना आसान है, लेकिन जनता के पैसों से दीप जल रहे हैं या जनभागीदारी से—इसका स्पष्ट जवाब सरकार को देना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि अभियान के दौरान किसी भी पंचायत, स्व-सहायता समूह, स्थानीय संस्था अथवा आम नागरिक पर अनिवार्य रूप से आर्थिक योगदान का दबाव न बनाया जाए और यदि जनभागीदारी से सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तो उसकी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए।
विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकार, सरकारी धन की पारदर्शिता और विकास कार्यों की प्राथमिकता के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाती रहेगी।