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UPI MDR Charge: ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर 0.4% MDR, ग्राहक को देना होगा चार्ज? 5 सवालों में समझें पूरा नियम

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नई दिल्ली। UPI से पेमेंट करने वालों के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) यानी ग्राहक से व्यापारी को किए जाने वाले UPI भुगतान पर अब 0.4% तक Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को UPI पेमेंट करने पर 0.4% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि MDR व्यापारी भुगतान व्यवस्था से जुड़ा शुल्क है और ग्राहकों पर इसे सीधे नहीं लगाया जाएगा।

₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान पहले की तरह MDR से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा, UPI के Person-to-Person (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले भुगतान पर राशि कितनी भी हो, कोई चार्ज नहीं लगेगा। छोटे व्यापारियों के लिए भी अलग से Zero-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

पहले समझिए- 0.4% MDR किस पर लगेगा?

नए फ्रेमवर्क के तहत ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। यह रकम सरकार द्वारा टैक्स के रूप में नहीं ली जाएगी, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप प्रदाताओं के बीच बांटी जाएगी। ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रहेगा।

सवाल 1: क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट करने पर ग्राहक से 0.4% लिया जाएगा?

जवाब: नहीं। MDR ग्राहक पर लगाया गया शुल्क नहीं है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक ग्राहक UPI के जरिए भुगतान करते समय कोई MDR नहीं देगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें। UPI ऐप प्रोवाइडर्स को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगाने की भी अनुमति नहीं होगी।

सवाल 2: ₹2,000 तक के UPI पेमेंट का क्या होगा?

जवाब: ₹2,000 तक के सभी P2M UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। यानी दुकान पर ₹500, ₹1,000 या ₹2,000 का UPI भुगतान करने पर ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। छोटे व्यापारियों के लिए भी ₹1 लाख तक प्रति माह UPI के जरिए भुगतान प्राप्त करने वाले P2PM खातों पर Zero-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

सवाल 3: MDR क्या होता है?

जवाब: MDR यानी Merchant Discount Rate। यह डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा से जुड़ा शुल्क है, जो पेमेंट इकोसिस्टम में व्यापारी पक्ष से संबंधित होता है। इसका इस्तेमाल भुगतान से जुड़े बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और ऐप प्रदाताओं के बीच भुगतान व्यवस्था को संचालित करने में होता है।सरकार ने साफ किया है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI सीधे ग्राहक से वसूल नहीं करेगा।

सवाल 4: सरकार ने ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR क्यों लागू किया?

जवाब: सरकार के मुताबिक UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और इसके साथ पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, सुरक्षा और सिस्टम को मजबूत बनाए रखने की जरूरत भी बढ़ी है। सरकार ने UPI के दीर्घकालिक विस्तार और टिकाऊ व्यवस्था को नए फ्रेमवर्क से जोड़ा है।

वहीं, बड़े मूल्य वाले व्यापारी भुगतान संख्या में अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद कुल भुगतान मूल्य में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। इसी तरह के बड़े व्यापारी ट्रांजैक्शन को नए MDR फ्रेमवर्क के दायरे में रखा गया है।

सवाल 5: क्या छोटे दुकानदारों पर भी इसका असर पड़ेगा?

जवाब: छोटे व्यापारियों को Zero-MDR व्यवस्था के तहत सुरक्षा दी गई है। UPI QR के जरिए प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले P2PM श्रेणी के छोटे व्यापारियों को सभी ट्रांजैक्शन पर Zero MDR का लाभ मिलेगा। सरकार के मुताबिक लगभग 96% P2M ट्रांजैक्शन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।

किन UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा MDR?
0 Person-to-Person (P2P): राशि कितनी भी हो, UPI फ्री रहेगा।
0 ₹2,000 तक P2M पेमेंट: MDR नहीं लगेगा।
0 छोटे P2PM व्यापारी: ₹1 लाख तक मासिक प्राप्ति वाले पात्र छोटे व्यापारियों पर Zero MDR।
0 ग्राहक: UPI भुगतान करने पर सीधे MDR नहीं देगा।

खास सेक्टर के लिए अलग MDR

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 0.4% के बजाय ₹5 प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर से जुड़े भुगतान पर 0.02% MDR और अधिकतम ₹300 की सीमा रखी गई है।

UPI कितना बड़ा हो चुका है?

UPI का नेटवर्क अब देशभर में बड़े पैमाने पर फैल चुका है। जून 2026 तक करीब 55.49 करोड़ यूजर्स UPI प्लेटफॉर्म से जुड़े थे।

जुलाई 2026 में UPI पर 2,365.8 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए और इनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही। इस समय 741 बैंक UPI नेटवर्क पर लाइव थे। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही।

5 पॉइंट में समझें पूरा मामला

1. ₹2,000 तक P2M UPI पेमेंट- फ्री
2. ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M पेमेंट- 0.4% MDR
3. ₹75,000 या अधिक के ट्रांजैक्शन- अधिकतम ₹300 MDR
4. P2P UPI पेमेंट- किसी भी राशि पर फ्री
5. ग्राहक से सीधे MDR वसूलने की अनुमति नहीं- MDR व्यापारी पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ा है।