Meerut ‘नीला ड्रम केस’: मुस्कान-साहिल दोषी करार, 13 महीने बाद आया कोर्ट का फैसला,अब सजा पर होगी सुनवाई

मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में करीब 13 महीने चली अदालती सुनवाई के बाद बुधवार, 30 सितंबर 2026 को जिला अदालत ने फैसला सुना दिया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। अब अदालत दोनों की सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। फिलहाल सजा का फैसला सुरक्षित रखा गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
सुरक्षा कारणों को देखते हुए दोनों आरोपियों को बुधवार को जिला जेल से अदालत में लाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। ऑनलाइन माध्यम से ही दोनों अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए।
22 गवाहों के बयान, करीब 125 तारीखों पर हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।
डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन जिला जज ने प्रतिदिन सुनवाई के निर्देश दिए थे। इस दौरान मामले में करीब 125 तारीखें लगीं।
परिजनों ने मांगी थी कड़ी सजा
फैसले से पहले सौरभ के परिजनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी। सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा था कि परिवार आरोपियों के लिए फांसी से कम सजा नहीं चाहता।सौरभ की मां रेनू देवी ने भी न्याय व्यवस्था और प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताई थी।
18 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी FIR
मामले की शुरुआत 18 मार्च 2025 को हुई, जब इंद्रानगर निवासी बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया था कि सौरभ ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तौगी से प्रेम विवाह किया था।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2019 से मुस्कान के साहिल शुक्ला से संबंध थे। बबलू के मुताबिक, सौरभ ने पत्नी और साहिल से जान का खतरा होने की बात भी कही थी।
5 मार्च से लापता था सौरभ
परिजनों के मुताबिक, सौरभ 5 मार्च 2025 से लापता था। वह जिस मकान में किराये पर रहता था, वहां ताला लगा मिला था और मुस्कान भी वहां मौजूद नहीं थी। इसके बाद परिजनों ने मुस्कान और साहिल पर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से सौरभ की तलाश की मांग की थी।
नीले ड्रम से मिले थे शव के टुकड़े
पुलिस ने 18 मार्च 2025 को मामले का खुलासा करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च की रात सौरभ की हत्या की गई थी। इसके बाद दोनों आरोपी 5 मार्च को शिमला-मनाली गए और 17 मार्च को मेरठ लौटे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने सौरभ के शव के टुकड़े नीले ड्रम से बरामद करने की बात कही थी। अब अदालत द्वारा दोनों को दोषी करार दिए जाने के बाद मामले में अगली प्रक्रिया सजा के बिंदु पर सुनवाई की होगी।




