Bastar Tourism: बस्तर के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान! RAMP कॉन्क्लेव में डिजिटल प्रमोशन, होमस्टे और ‘Unexplored Bastar’ पर मंथन

जगदलपुर। बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, जनजातीय संस्कृति, कला, हस्तशिल्प और स्थानीय जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। RAMP योजना के तहत जगदलपुर में टूरिज्म सेक्टर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, गाइड, युवाओं, हस्तशिल्प एवं जनजातीय कला से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
कॉन्क्लेव में बस्तर के पर्यटन कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग, सोशल मीडिया प्रमोशन, ब्रांडिंग, बेहतर हॉस्पिटैलिटी और कनेक्टिविटी से जोड़ने पर जोर दिया गया। वहीं बस्तर के ऐसे कम चर्चित पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए ‘Unexplored Bastar’ की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेगा स्थानीय पर्यटन कारोबार
कार्यक्रम में पर्यटन स्थलों की इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और डिजिटल विजिबिलिटी को लेकर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने कहा कि किसी पर्यटन स्थल को टिकाऊ और लोकप्रिय डेस्टिनेशन बनाने के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ उसकी मजबूत डिजिटल मौजूदगी भी जरूरी है।
होमस्टे, टूर पैकेज, गाइड सेवाओं और अन्य पर्यटन सुविधाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल बुकिंग और सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को सीधे पर्यटकों तक पहुंचने और नए बाजार तैयार करने का अवसर मिल सकता है।
‘Unexplored Bastar’ से अनदेखे पर्यटन स्थलों को पहचान
पर्यटन एवं डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ जीत सिंह आर्या ने बस्तर की जनजातीय कला, हस्तशिल्प, खान-पान, संस्कृति और ग्रामीण जीवन को पर्यटन अनुभव से जोड़ने की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने ‘Unexplored Bastar’ के माध्यम से ऐसे प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों को पहचान दिलाने पर जोर दिया, जो अभी बड़े पर्यटन मानचित्र पर ज्यादा चर्चित नहीं हैं।
स्थानीय कला और शिल्प को प्रभावी ब्रांडिंग एवं डिजिटल मार्केटिंग से जोड़कर शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार तथा नए बाजार विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
होमस्टे संचालकों ने साझा किए अनुभव
कॉन्क्लेव में स्थानीय होमस्टे संचालकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। अमचो लड्डी होमस्टे के राजनिश, बस्तर ट्राइबल होम के शकील रिजवी और मिंज होमस्टे के संजय मिंज ने होमस्टे संचालन, स्थानीय संस्कृति को पर्यटकों तक पहुंचाने और पर्यटन के माध्यम से आय एवं रोजगार के अवसर विकसित करने से जुड़े अनुभव बताए।
वहीं सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग पर अस्तु नाग ने कंटेंट, वीडियो, रील्स और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के जरिए पर्यटन स्थलों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की संभावनाएं साझा कीं। खासकर युवा पर्यटकों तक पहुंच बनाने में सोशल मीडिया की भूमिका पर जोर दिया गया।
MSME और स्थानीय उद्यमों के लिए अवसर
कार्यक्रम में RAMP योजना के तहत MSME और स्थानीय उद्यमों के लिए उपलब्ध अवसरों, बाजार संपर्क, व्यवसाय विकास और क्षमता निर्माण से जुड़ी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बुकिंग, हॉस्पिटैलिटी, गाइड सेवाओं, सुरक्षा और स्थानीय उत्पादों से जुड़े सवालों के जवाब भी प्राप्त किए।
कॉन्क्लेव ने सरकारी विभागों, पर्यटन विशेषज्ञों, स्थानीय उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, युवाओं और डिजिटल क्रिएटर्स को एक मंच पर लाकर बस्तर के पर्यटन को स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और डिजिटल बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर संवाद का अवसर दिया।
ये रहे प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी रामनारायण तिवारी, कांगेर वैली के निदेशक गौतम नारायण, पर्यटन एवं डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ जीत सिंह आर्या, अमचो लड्डी होमस्टे के राजनिश, बस्तर ट्राइबल होम के शकील रिजवी, मिंज होमस्टे के संजय मिंज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अस्तु नाग सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के माध्यम से चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य बस्तर के स्थानीय पर्यटन उद्यमों को नए बाजार अवसरों से जोड़ना और उन्हें अधिक संगठित एवं डिजिटल रूप से सक्षम बनाना रहा।
आयोजन के सफल संचालन एवं समन्वय में सुश्री मुनमुन जरी, रोहित शर्मा, बीर सिंह चतुर्वेदी, चेतन नाग एवं अंकित मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने प्रतिभागियों के साथ समन्वय, सत्रों के संचालन और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया।





