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CG News: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में शामिल होंगे अमित शाह, ‘नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा आयोजन; राम वन गमन परिपथ के 31 स्थल विकसित होंगे

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव को इस बार खास बनाने की तैयारी चल रही है। आयोजन की थीम ‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। राज्योत्सव में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि आम जनता की मांग पर बाहर से भी तीन कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी समारोह में शामिल होंगे।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि राज्योत्सव में आने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। आयोजन स्थल तक पहुंचने, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

राज्योत्सव में स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मौका

राज्य सरकार इस बार के आयोजन में छत्तीसगढ़ की कला और सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता देने की तैयारी में है। स्थानीय कलाकारों को मंच पर प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही लोगों की मांग को देखते हुए तीन बाहरी कलाकारों को भी बुलाया जाएगा।

राज्य सरकार का जोर आयोजन को आकर्षक बनाने के साथ आम लोगों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है।

राम वन गमन परिपथ का तीन चरणों में होगा विकास

राज्योत्सव की तैयारियों के साथ पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने राम वन गमन परिपथ की विकास योजना की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि शोध के आधार पर इस परिपथ के लिए 31 स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थलों का विकास तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

पहले चरण में 10 स्थानों के विकास की योजना है। चयनित स्थलों में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, रुद्री (धमतरी), शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम, नगरी-सिहावा, खरौद, रामाराम और चिंतामीटर मंदिर (सुकमा), चंदन मिहीं, रामगढ़ और सीता बेंगरा (सरगुजा), रामझरना (रायगढ़), विष्णु मंदिर, रामपुर-जुनवानी (कांकेर), चित्रकोट शिव मंदिर और सीतामढ़ी-हरचौका शामिल हैं।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विकसित होंगी सुविधाएं

मंत्री के मुताबिक, राम वन गमन परिपथ के अंतर्गत चयनित स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्थानीय पर्यटकों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आश्रय स्थल बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

योजना का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाना और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

अधूरे कार्यों को पूरा करने पर भी रहेगा जोर

राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में राम वन गमन परिपथ के तहत जो काम अधूरे रह गए थे, उन्हें पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा। पहले से निर्मित सुविधाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने की बात भी उन्होंने कही।

हरचौका और सीतामढ़ी सहित अन्य चयनित स्थलों के विकास पर भी काम किया जाएगा। तीन चरणों में प्रस्तावित यह योजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।