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Meerut Blue Drum Murder: सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड, जज ने महाभारत के श्लोक का किया जिक्र

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मेरठ. मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने अपने फैसले में अपराध की गंभीरता का उल्लेख करते हुए महाभारत के श्लोक का भी जिक्र किया। फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत में सौरभ के परिजन मौजूद रहे और सजा के ऐलान के बाद उनकी आंखें छलक उठीं।

30 सितंबर 2026 को अदालत ने 22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों सहित उपलब्ध सबूतों पर विचार करने के बाद दोनों को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया।

163 पन्नों के फैसले में महाभारत का उल्लेख

जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, न्यायाधीश ने 163 पन्नों के फैसले में महाभारत के श्लोक का उल्लेख किया। अदालत ने अपराध की प्रकृति और गंभीरता के अनुरूप दंड दिए जाने की बात कही।

फैसले में उद्धृत श्लोक है—

“निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।
तस्माद्व्याघ्रो वनं रक्षेद्वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, न्यायाधीश ने कानून और समाज की सुरक्षा के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि न्याय का उद्देश्य अपराध की गंभीरता के अनुरूप दंड सुनिश्चित करना है।

बचाव पक्ष ने मांगी राहत, मुस्कान ने बेटियों का दिया हवाला

सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों दोषियों का पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है और जेल में उनका आचरण भी अच्छा रहा है। वकीलों ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं होने का तर्क भी रखा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई मुस्कान ने अपनी दो छोटी बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए अदालत से रहम की अपील की।

वहीं, अभियोजन पक्ष ने वारदात को सुनियोजित साजिश बताते हुए दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की। अभियोजन के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया, ताकि साक्ष्य छिपाए जा सकें।

सौरभ की मां बोलीं—दोषियों को मिला सही दंड

फैसला सुनाए जाने के दौरान सौरभ की मां रेनू देवी, उनके भाई बबलू और परिवार के अन्य सदस्य अदालत में मौजूद थे। सजा का ऐलान होते ही परिवार की महिलाओं की आंखों में आंसू आ गए।

रेनू देवी ने कहा कि मुस्कान और साहिल ने जिस तरह का अपराध किया, उसके लिए मृत्युदंड ही उचित सजा है। सौरभ के भाई बबलू ने कहा कि इस हत्याकांड ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दोषी ऊपरी अदालत में अपील करते हैं, तो परिवार कानूनी लड़ाई जारी रखेगा।

मुस्कान के माता-पिता ने भी जताया अफसोस

मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी और मां कविता रस्तोगी ने अदालत में लिखित रूप से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सौरभ अच्छा लड़का था और उसकी हत्या से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उनके मुताबिक, घटना के बाद से उन्होंने मुस्कान से दूरी बना ली है और उसकी पैरवी भी नहीं की है।

क्या है नीले ड्रम वाला हत्याकांड?

मेरठ के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में ब्रह्मपुरी की मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में काम करते थे और बाद में लंदन में नौकरी करने लगे। इसी दौरान मुस्कान के साहिल शुक्ला से करीबी संबंध होने की बात सामने आई।

पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से मेरठ आए थे। आरोप है कि 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में रखे गए और सीमेंट से बंद कर दिए गए।

पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कसौल घूमने चले गए थे। वे सौरभ का मोबाइल भी अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने 18 मार्च 2025 को दोनों को गिरफ्तार किया था।

हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में सजा

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 3(5) के तहत साझा इरादे से किए गए अपराध के लिए दोनों को मृत्युदंड सुनाया। वहीं, धारा 238(ए) के तहत साक्ष्य छिपाने के मामले में सात-सात वर्ष के कारावास की सजा दी गई।

अदालत ने हत्या के मामले में दोनों पर 50-50 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने के मामले में 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद करीब एक हजार पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया था। मामले में 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य सबूत अदालत में पेश किए गए।