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Delhi Dussehra 2026: विजयादशमी पर दिल्ली की रामलीलाओं में जुटेंगे बड़े नेता, PM मोदी से लेकर सोनिया-राहुल तक होंगे शामिल

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नई दिल्ली। विजयादशमी के मौके पर मंगलवार को राजधानी दिल्ली की प्रमुख रामलीलाओं में राम-रावण युद्ध और रावण दहन के साथ देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे भी नजर आएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी अलग-अलग दशहरा समारोहों में शामिल होंगे।

दिल्ली के द्वारका, पूर्वी दिल्ली और लालकिला मैदान में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

द्वारका में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारका सेक्टर-10 में द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होंगी। रामलीला के समापन के बाद यहां 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। विशाल रावण का पुतला इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

PM मोदी पटपड़गंज में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटपड़गंज स्थित आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति के दशहरा समारोह में पहुंचेंगे। यहां राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद रावण दहन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री की मौजूदगी में इस बार नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ संदेश देते हुए उसका पुतला भी जलाया जाएगा।

लालकिला मैदान में उपराष्ट्रपति

लालकिला मैदान में लव-कुश रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे। कार्यक्रम में रामलीला के अंतिम प्रसंगों के मंचन के बाद रावण दहन किया जाएगा। लालकिला मैदान की रामलीला दिल्ली के प्रमुख दशहरा आयोजनों में शामिल है।

सोनिया और राहुल गांधी भी होंगे शामिल

वहीं, नवश्री धार्मिक लीला कमेटी के दशहरा समारोह में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के शामिल होने की बात कही गई है। यहां भी राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद रावण दहन होगा।

सुरक्षा के रहेंगे खास इंतजाम

एक ही दिन दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और प्रमुख विपक्षी नेताओं की मौजूदगी से दशहरा समारोह खास रहने वाला है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।