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BTI ग्राउंड को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा का बड़ा बयान, बोले- यहां नहीं बनेगा कोई व्यावसायिक या आवासीय परिसर

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रायपुर। राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि बीटीआई ग्राउंड में किसी भी तरह का व्यावसायिक या आवासीय परिसर नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई निर्माण होता है, तो वह ग्राउंड से लगे सरकारी कर्मचारियों के जर्जर मकानों की जगह पर होगा।

नुआखाई भेंटघाट में राष्ट्रपति का आगमन गौरव की बात

विधायक पुरंदर मिश्रा ने प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ प्रवास और राजधानी रायपुर में आयोजित नुआखाई भेंटघाट कार्यक्रम को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम ने संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और युवा सशक्तिकरण को एक मंच पर लाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, किसानों के सम्मान और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना ही इस आयोजन की मूल भावना है।

कचना ओवरब्रिज के बाद पंडरी में भी मिलेगी राहत

विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विधायक ने नवनिर्मित कचना ओवरब्रिज को उपलब्धियों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंडरी रोड पर खालसा स्कूल के पास भी ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मंत्रिमंडल में फेरबदल के सवाल पर क्या बोले विधायक?

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और दोबारा मंत्री बनने की दौड़ में शामिल होने के सवाल पर पुरंदर मिश्रा ने उत्कल समाज की आबादी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्कल समाज के लोगों की संख्या करीब 35 लाख है और यही वास्तविकता है।

वहीं, उत्कल गाड़ा समाज की एक लॉबी द्वारा उनके खिलाफ काम करने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि समाज के लोग उनके भाई हैं। उन्होंने कहा कि मतभेद परिवारों में भी होते हैं और आपसी विरोध के बीच ही आगे बढ़ने के रास्ते निकलते हैं।

विकसित भारत के संकल्प पर दिया जोर

विधायक ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, नई तकनीक के इस्तेमाल और नवाचार के माध्यम से देश को आगे बढ़ाना भी इसका अहम हिस्सा है। उन्होंने संस्कृति, सेवा और युवाओं की भागीदारी को विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया।