बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा! 28 अक्टूबर को आंध्र-ओडिशा तट से टकरा सकता है तूफान, 30 जिले अलर्ट; 4 जिलों में छुट्टियां रद्द

भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब तेजी से ताकतवर हो रहा है और इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह सिस्टम शनिवार को डिप्रेशन और इसके बाद डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट के बीच कहीं टकरा सकता है।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, संभावित तूफान को देखते हुए तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि, तूफान की सटीक तीव्रता और लैंडफॉल की स्थिति को लेकर आगे के मौसम पूर्वानुमानों पर नजर रखी जा रही है।
ओडिशा में तैयारियां तेज
संभावित चक्रवाती तूफान को देखते हुए ओडिशा सरकार ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता खराब मौसम के दौरान जान-माल के नुकसान को रोकना है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
सरकार ने गंजाम, गजपति, पुरी और खुर्दा जिलों में सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। राज्य के सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। वहीं, 16 तटीय और दक्षिणी जिलों के कलेक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला कलेक्टरों पर
संभावित खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला जिला कलेक्टर ले सकेंगे। प्रशासन मौसम की स्थिति और तूफान के प्रभाव को देखते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाएगा।
पूजा पंडालों के ढांचे हटाने के निर्देश
चक्रवात की आशंका को देखते हुए कटक में पूजा समितियों से दुर्गा पूजा के लिए लगाए गए बांस के सजावटी ढांचे हटाने को कहा गया है। तेज हवाओं और बारिश के दौरान इन ढांचों के गिरने से हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले से सावधानी बरत रहा है।
मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह
सरकार ने गहरे समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरों को जल्द लौटने की सलाह दी है। बड़े ट्रॉलर और जहाजों के मालिकों को भी सतर्क किया गया है। पुरी, गंजाम और गजपति जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में भी बारिश का अलर्ट
भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, मयूरभंज, बालासोर, क्योंझर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और कालाहांडी में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक तैयारियां करने को कहा गया है।
NDRF और ODRAF की टीमें तैयार
संभावित खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और दमकल एवं आपातकालीन सेवाओं के जवानों को तैयार रखा गया है। सरकार का फोकस समय रहते संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत-बचाव अभियान चलाने पर है।




