छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

० अस्पताल में इलाज के समय अपनी जेब से पैसे देने और बाद में बिल भुगतान के लिए लंबी प्रक्रिया से मिलेगी राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस फैसले से कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में पहले अपनी जेब से पैसे खर्च करने और बाद में चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी से राहत मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही इलाज के पूर्व अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी।
गंभीर बीमारी और आपातकाल में मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर गंभीर बीमारी या अचानक अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवार को इलाज के लिए बड़ी रकम का इंतजाम करना पड़ता है। इसके बाद चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति के लिए दस्तावेज तैयार करने और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था से इस आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी को कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के कारण होने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करना है। अब इस व्यवस्था के विस्तृत क्रियान्वयन और पात्र अस्पतालों की सूची जारी होने का इंतजार रहेगा।छत्तीसगढ़ शासन के दिल्ली स्थित विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी यह निर्णय महत्वपूर्ण हो सकता है।
मुख्य बात: छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दी है। इससे दिल्ली सहित राज्य के बाहर पदस्थ पात्र कर्मचारियों को भी लाभ मिल सकता है, बशर्ते वे जारी होने वाले नियमों और अस्पतालों की सूची के अंतर्गत पात्र हों।





