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स्मृति ईरानी के दौरे का इफेक्ट : कैबिनेट की बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री बैठे मंत्रियों के साथ, नहीं नजर आए मुख्यमंत्री के दाएं -बाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 27 अक्टूबर को हुई कैबिनेट की बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा मंत्रियों के साथ कतार में बैठे। अब तक कैबिनेट की बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ बराबरी पर बैठे नजर आते थे। कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री के आजू -बाजू दोनों उपमुख्यमंत्री बैठे दिखते थे। राज्य में विष्णुदेव साय की सरकार बनने के बाद करीब तीन साल में पहली बार मुख्यमंत्री श्री साय अकेले बैठे नजर आए और दोनों उपमुख्यमंत्री उनके दाएं-बाएं नजर नहीं आए। इसे छत्तीसगढ़ की प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे का प्रभाव माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी का पद संभालने के बाद स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर को पहली बार रायपुर आईं। 25 और 26 अक्टूबर को सरकार और संगठन से जुड़े नेताओं -पदाधिकारियों की बैठक ली। स्मृति ईरानी के दौरे के बाद पहली ही कैबिनेट की बैठक का बदला नजारा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुद्दा बन गया है। 27 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में उनके सिविल लाइन स्थित निवास में हुई। स्मृति ईरानी ने अभनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ सुनने के बाद रायपुर लौटकर कुशाभाऊ परिसर में मंत्रियों, सांसदों ,पदाधिकारियों, निगम-मंडल अध्यक्षों और पूर्व विधायकों की बैठक ली। कहते हैं अभनपुर स्थित अलका आशुतोष अग्रवाल भवन में मोदी जी के मन की बात सुनने के लिए पार्टी के एक सांसद पहली कतार में स्मृति ईरानी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ बैठने की कोशिश की, तो स्मृति ने उन्हें पीछे बैठने की हिदायत दी। बताते हैं स्मृति ईरानी ने निगम-मंडल के पदाधिकारियों की बैठक में कुछ सहकारी नेताओं की जमकर परेड ली और आपस में तालमेल बनाने की सलाह दी। सुनने में आ रहा है कि कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने स्मृति ईरानी से शिकायत की कि उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है, उनके अनुभव का लाभ नहीं लिया जा रहा है। इन नेताओं ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व कुशाभाऊ ठाकरे के जमाने से लेकर और पदाधिकारों द्वारा सौंपे गए काम गिनाने लगे तो स्मृति ने दो टूक कह दिया छत्तीसगढ़ में 27 हजार बूथ हैं।

स्मृति ईरानी उनके आगमन पर स्वागत और होर्डिग्स लगाने पर मनाही कर दी थी। इसके चलते पार्टी के नेताओं को बाइक रैली स्थगित करनी पड़ी। विमानतल पर भी तामझाम वाला स्वागत नहीं रहा। बताते हैं स्मृति ईरानी ने कई नेताओं का गुलदस्ता भी स्वीकार नहीं किया। सुनने में आ रहा है एक जिला अध्यक्ष कुछ नेताओं को स्मृति ईरानी से परिचय कराने लगे और उनके नाम बताने लगे , तो स्मृति ने उन्हें झिड़क दिया और कह दिया मैं स्वयं नाम पूछ लूँगी।