छत्तीसगढ़ महतारी के वेशभूषा में सुआ नृत्य करते बालिकाओं की टोली

रायपुर (राजेन्द्र ठाकुर) . दीपावली के अवसर पर बच्चे, बालिकाओं एवं सूआ नृत्य की विभिन्न अलग अलग टोलियाॅ के लोगों के द्वारा घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के सुआ नृत्य प्रस्तुत कर लोगों से नेंग लेनें की सदियों पुरानी परम्परा को बरकरार रखी हुई नजर आने लगी है।
दीपावली पर्व नजदीक आते ही रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमंुद सहित विभिन्न जिलों के शहर एवं ग्रामीण अंचल में छ.ग. की प्राचीन पारंपरिक लोक संस्कृति की छटा बिखरने लगी है। दीपवाली के अवसर पर बच्चे, बालिकाओं एवं महिलाओं की अलग-अलग सुआ नृत्य की टोलियाँ के लोग रंग बिरंगे परिधानों में सजे हुये सुआ नृत्य की प्रस्तुत कर नेंग मांग रही है
वैसे ही आज गोबरा नवापारा में छ.ग. महतारी के वेशभूषा में सजे बालिकाओं की सुआ नृत्य की टोली पारंपरिक गीतों और तालियों की थाप के साथ सूआ नृत्य प्रस्तुत कर घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं कार्यालयों में उपस्थित लोगों से जाकर नेंग लेने की परंपरा को बरकरार रखें नजर आ रही है।
उनकी प्रस्तुती बाजार में आने जाने वाले लोगों के दिये भी आकर्षण का बेड बानी हुई है। वही लोगों का कहना हो कि सुआ नृत्य छ.ग. में प्राचीन समृद्ध को संस्कृति और पारंपरिक विरासत का हिस्सा है।





