NIT Raipur Convocation 2026: 1,364 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, आत्मिका गांगेली बनीं ओवरऑल टॉपर; 7 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ

रायपुर। एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 1,364 विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान मिली। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करते हुए विकसित भारत के निर्माण में युवा इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं की भूमिका को अहम बताया। समारोह में 51 पदकों से मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वहीं, संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, महत्वपूर्ण खनिज और जनजातीय स्वास्थ्य सहित आधुनिक तकनीक से जुड़े सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ किया गया। बीटेक कंप्यूटर साइंस की छात्रा आत्मिका गांगेली को ओवरऑल टॉपर का सम्मान मिला।
1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां, 51 पदकों से मेधावियों का सम्मान
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। समारोह में कुल 1,364 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक के 976, स्नातकोत्तर के 283 और पीएचडी के 105 विद्यार्थी शामिल हैं।
विभिन्न शाखाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 51 पदक दिए गए। इनमें 25 स्वर्ण पदक, 25 रजत पदक और एक संस्थान स्वर्ण पदक शामिल है। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली को ओवरऑल टॉपर के रूप में सम्मानित किया गया।
विकसित भारत के निर्माण में युवा निभाएं अहम भूमिका : जी. किशन रेड्डी
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को यह संकल्प लेना चाहिए कि राष्ट्र के विकास में उसकी भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन और कृषि विकास जैसे क्षेत्रों में देश के सामने कई चुनौतियां हैं। युवाओं को इन चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार कर नए समाधान और तकनीक विकसित करनी चाहिए। देश को खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवाचार की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें कौशल आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था तथा रोजगार के प्रमुख आधार बनेंगे।
एनआईटी रायपुर में सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू
दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इन केंद्रों का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में उच्चस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
इनमें इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE), मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज तथा सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, नैनोसाइंस, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुसंधान को गति मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।

आधुनिक तकनीक के साथ बुनियादी ज्ञान भी जरूरी : डॉ. सुरेश हावरे
समारोह की अध्यक्षता कर रहे एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश के भावी इंजीनियर, उद्यमी, वैज्ञानिक और नेतृत्वकर्ता हैं।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और ऑटोमेशन के इस दौर में आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ मूलभूत वैज्ञानिक एवं तकनीकी सिद्धांतों की समझ भी जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने मूल विषयों के ज्ञान को लगातार मजबूत करना चाहिए।
महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता के लिए अनुसंधान जरूरी : बृजमोहन अग्रवाल
विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और नवाचार राष्ट्र के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में अनुसंधान संस्थानों को देश में ही इन खनिजों की खोज, पहचान और उपयोग के लिए नई तकनीक विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से इस तकनीक का ज्ञान हासिल कर राष्ट्रहित में उपयोग करने की अपील की।
कोयले की मूल्य श्रृंखला को नई तकनीक से बनाएं उपयोगी : डॉ. एन. कलैसेल्वी
सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी ने एनआईटी रायपुर में इंजीनियरिंग और तकनीक के क्षेत्र में दी जा रही उच्च शिक्षा की सराहना की। उन्होंने धातुकर्म और कोयला क्षेत्र में अनुसंधान की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में कोयले का विशाल भंडार उपलब्ध है, लेकिन इसके आर्थिक और तकनीकी मूल्य का पूरा उपयोग किया जाना अभी बाकी है।
उन्होंने आधुनिक अनुसंधान के माध्यम से कोयले की मूल्य श्रृंखला को अधिक उपयोगी और मूल्यवान बनाने तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन मुक्त तकनीकों के विकास पर जोर दिया।
एनआईटी रायपुर को मिले 821 प्लेसमेंट ऑफर, 60 लाख रुपये रहा सर्वोच्च पैकेज
संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और प्लेसमेंट के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के बैच को कुल 821 प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं। इस दौरान सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये रहा। संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।
उन्होंने यह भी बताया कि एनआईटी रायपुर ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 1201 से 1400 के रैंकिंग समूह में जगह बनाई है। संस्थान के सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE) को औपचारिक स्वीकृति भी प्राप्त हुई है।
राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन
समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे और संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव सहित प्राध्यापक, अधिकारी, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।





