RAMP MSME चौपाल: सरकारी योजनाओं, क्रेडिट और बाजार से जुड़कर सशक्त होंगे छत्तीसगढ़ के MSMEs

रायपुर। भारत सरकार की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना तथा राज्य सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को दिए जाने वाले सहयोग एवं योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रायपुर में ‘MSME चौपाल’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत DICCI (छत्तीसगढ़ राज्य) के अध्यक्ष श्री अभिनव प्रकाश सत्यवंशी के स्वागत संबोधन से हुई, जिन्होंने पूरे सत्र का संचालन और मध्यस्थता भी की। उन्होंने चौपाल के उद्देश्य और MSME उद्यमियों के लिए इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों के रूप में श्री आनंद वर्धन (SPIU छत्तीसगढ़ RAMP, CSIDC), संतोष राव मोरे (उप महाप्रबंधक, SIDBI), पी.के. निमोनकर (पूर्व राज्य प्रमुख, CITCON) और सुश्री यामिनी ओगरे (सहायक संचालक, उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन) शामिल हुए। विशेषज्ञों ने उद्यमियों के व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की।
चौपाल में मुख्य रूप से पांच प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया: उद्यम की शुरुआत और Udyam Registration, वित्तीय सहायता एवं समय पर भुगतान, नए बाजारों तक पहुंच, महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, और भविष्य के लिए तैयार एवं पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) व्यवसाय।
विशेषज्ञों ने जोर देकर बताया कि Udyam Registration MSME के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उद्यमियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों का लाभ उठाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति के तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी भी साझा की गई।
वित्तीय सहायता सत्र के दौरान बैंक से ऋण प्राप्त करने, आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने और CGTMSE जैसी क्रेडिट गारंटी योजनाओं का लाभ उठाने पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके अतिरिक्त TReDS और MSME Samadhaan Portal के माध्यम से बकाया भुगतान की समस्या को हल करने के विकल्पों पर चर्चा की गई।
बाजार तक पहुंच बढ़ाने के विषय पर विशेषज्ञों ने ONDC, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, GeM और व्यापार मेलों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यम भी उच्च गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके नए बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकते हैं।
महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए LEAP (Lady Entrepreneurs Augmentation Programme) पहल के तहत उपलब्ध प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग की जानकारी दी गई। वहीं, ‘भविष्य के लिए तैयार MSME’ विषय के अंतर्गत ग्रीन पैकेजिंग, रीसाइक्लिंग, ऊर्जा की बचत, तकनीकी उन्नयन और गुणवत्ता सुधार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में उद्यमियों ने सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछे और अपनी व्यावसायिक समस्याएं साझा कीं, जिन पर उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके बाद हाई-टी (High-Tea) सत्र के दौरान प्रतिभागियों को Udyam Registration और सरकारी योजनाओं से संबंधित आगे की सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
इस चौपाल ने उद्यमियों को यह स्पष्ट समझ प्रदान की कि RAMP योजना किस प्रकार उन्हें सरकारी सहायता और सुविधाओं से जोड़कर विकास के अवसरों तक उनकी पहुंच को आसान बना सकती है।





