Dhanteras Puja Vidhi and Mantra 2026: आज धनतेरस पर इस विधि से करें मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और मंत्र

Dhanteras 2026: आज धनतेरस का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही बाजारों में खरीदारी को लेकर रौनक है। धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन और भगवान गणेश-माता लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान धनवंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। आइए जानते हैं धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और विशेष मंत्र।
धनतेरस 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।
आज धनतेरस की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 51 मिनट तक बताया गया है।
मां लक्ष्मी और कुबेर पूजन की विधि
- सबसे पहले घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में साफ चौकी स्थापित करें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
- चौकी पर भगवान धनवंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- सभी देवी-देवताओं को गंगाजल अर्पित करें और चंदन का तिलक लगाएं।
- भगवान के सामने धूप-दीप जलाएं। गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- भगवान धनवंतरि को पीले रंग की मिठाई और फल का भोग लगाएं।
- इसके बाद माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करें तथा उनके विशेष मंत्रों का जाप करें।
- परिवार के सभी सदस्य मिलकर देवी-देवताओं की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
- अंत में घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम से चौमुखा दीपक जलाएं।
धनतेरस पर करें इन मंत्रों का जाप
भगवान धनवंतरि मंत्र:
ॐ नमो भगवते धन्वंतरये अमृतकलश हस्ताय सर्वामय विनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः।
मां लक्ष्मी मंत्र:
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
कुबेर देव मंत्र:
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा।
धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना और मंत्र जाप करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।





