रायपुर में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का भव्य समापन, 1500 से अधिक फार्मासिस्टों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

AMR और ADR के खिलाफ जागरूकता का संकल्प, बिना पर्ची एंटीबायोटिक नहीं और बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर नहीं चलाने पर दिया जोर
रायपुर। स्वस्थ भारत मिशन के तहत विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं 65वें राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह 2026 का भव्य समापन राजधानी रायपुर में हुआ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 5 नवंबर को आयोजित इस समारोह में प्रदेशभर के फार्मासिस्टों, फार्मेसी कॉलेजों के प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में औषधियों के दुष्प्रभाव (ADR) और एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ फार्मासिस्टों की जनस्वास्थ्य में भूमिका को रेखांकित किया गया।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के 70 से अधिक फार्मेसी महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में करीब 1500 लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा वितरक नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दीपक कुमार अग्रवाल ने फार्मासिस्टों को दिलाया जिम्मेदारी का अहसास
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कंट्रोलर दीपक कुमार अग्रवाल (IAS) उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि फार्मेसी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन का संबंध शरीर और आत्मा जैसा है। आम जनता को सही और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने फार्मासिस्टों से अपील की कि बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के कोई मेडिकल स्टोर संचालित नहीं होना चाहिए। बिना डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं दी जानी चाहिए और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने AMR को वैश्विक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बताते हुए इसकी रोकथाम में फार्मासिस्टों की भूमिका को अहम बताया।

मंत्री और मुख्यमंत्री ने भेजा शुभकामना संदेश
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र सुबह 10 बजे शुरू हुआ। इसमें छत्तीसगढ़ शासन के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए आयोजकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री की ओर से भी संदेश भेजा गया, जिसमें ऐसे आयोजनों को आम जनता के लिए लाभकारी बताते हुए फार्मासिस्टों की भूमिका को समाज में नई पहचान मिलने की बात कही गई।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोंटू भाई पटेल ने अपने संदेश में छत्तीसगढ़ में आयोजित कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट डॉक्टर, मरीज और दवा के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है।
प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों का सम्मान
राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के तहत प्रदेश के विभिन्न फार्मेसी कॉलेजों में पोस्टर, क्विज, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, वाद-विवाद, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया। कॉलेज स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय समारोह में आमंत्रित किया गया।
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि दीपक कुमार अग्रवाल ने पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
AMR के खिलाफ निकाली गई जागरूकता रैली
इससे पहले 31 अक्टूबर को रायपुर के मरीन ड्राइव से शंकर नगर तक AMR जागरूकता रैली निकाली गई थी। इसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों ने हिस्सा लेकर आम लोगों को एंटीबायोटिक के सही इस्तेमाल का संदेश दिया।
रैली के माध्यम से लोगों को बताया गया कि एंटीबायोटिक का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर करें, डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें और निर्धारित कोर्स अधूरा न छोड़ें।
फार्मासिस्ट जनस्वास्थ्य का सच्चा प्रहरी : अरुण मिश्रा
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट सिर्फ दवा बेचने वाला नहीं, बल्कि ड्रग एक्सपर्ट, पेशेंट काउंसलर और पब्लिक हेल्थ वॉरियर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी डिग्री के साथ नैतिकता और सेवा भावना को भी जीवन में अपनाने की अपील की।
वहीं, काउंसिल के रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्डेकर ने बताया कि फार्मासिस्टों के पंजीकरण, नवीनीकरण और समस्याओं के समाधान के लिए काउंसिल लगातार काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि काउंसिल का कार्यालय अब नवा रायपुर, अटल नगर के नए भवन में स्थानांतरित हो गया है।
उन्होंने फार्मासिस्टों को तीन संकल्प भी दिलाए—
बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर नहीं।
बिना डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक नहीं।
नशीली दवाओं के दुरुपयोग को ना।
डॉ. आनंद महलवार और डॉ. चंचल दीप कौर का विशेष योगदान
आयोजन को सफल बनाने में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि एवं काउंसिल सदस्य डॉ. आनंद महलवार और काउंसिल सदस्य डॉ. चंचल दीप कौर की विशेष भूमिका रही। उनके समन्वय और मार्गदर्शन में प्रदेशभर के फार्मेसी महाविद्यालयों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इस अवसर पर काउंसिल के सदस्य विजय पारख, निकेश देवांगन, हितानंद अग्रवाल और परमानंद पटेल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष राहुल तिवारी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया।
ADR और AMR से लड़ाई का लिया संकल्प
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने औषधियों के दुष्प्रभाव (ADR) की रिपोर्टिंग को फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। साथ ही एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) रोकने के लिए एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया गया। बताया गया कि एंटीबायोटिक सर्दी-खांसी और वायरल बुखार जैसी बीमारियों में प्रभावी नहीं होते।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान सभी ने ‘Think Health, Think Pharmacist — स्वस्थ भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को दोहराया।
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