छोटी दिवाली 2026: नरक चतुर्दशी पर जरूर जलाएं 14 दीपक, जानें किन जगहों पर दीपदान करने से घर में आएगी सुख-समृद्धि

Choti Diwali 2026 Deepdan: छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व दीपों की रोशनी और धार्मिक मान्यताओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन घर की साफ-सफाई करने के साथ दीपदान की परंपरा निभाई जाती है। मान्यता है कि छोटी दिवाली की शाम घी या तिल के तेल के 14 दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता आती है और अलक्ष्मी का प्रभाव दूर होता है। वहीं, दक्षिण दिशा में यमराज के निमित्त यमदीप जलाने की परंपरा भी है। इसे परिवार के सदस्यों की लंबी आयु और अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली पर किन 14 स्थानों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है और दीपदान करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
छोटी दिवाली पर इन 14 स्थानों पर जलाएं दीपक
1. घर के मुख्य द्वार पर: मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभता और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
2. पूजा स्थल पर: घर के मंदिर या पूजा स्थल पर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक जलाएं। इस दौरान भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने आराध्य का स्मरण करें।
3. दक्षिण दिशा में: नरक चतुर्दशी पर यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में दीपदान करने की परंपरा है। इसे यमदीप कहा जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
4. रसोई घर में: रसोई को अन्न और पोषण का स्थान माना जाता है। यहां सुरक्षित जगह पर दीपक जलाकर माता अन्नपूर्णा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।
5. घर के आंगन में: आंगन में दीपक जलाना परिवार की सुख-शांति और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है।
6. तुलसी के पौधे के पास: हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है। छोटी दिवाली पर तुलसी के पास दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का स्मरण करना शुभ माना जाता है।
7. घर की छत पर: छत पर दीपक जलाना पूरे घर को प्रकाशमय बनाने और दीपोत्सव की खुशियां साझा करने का प्रतीक है।
8. खिड़कियों के पास: घर की खिड़कियों के पास सुरक्षित स्थान पर दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण सकारात्मक और सुखद बना रहता है।
9. जल स्रोत के पास: कुएं, नदी या घर में जल रखने के स्थान के पास दीपदान की परंपरा है। घर में दीपक जलाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
10. अन्न भंडार के पास: अन्न रखने वाले स्थान पर दीपक जलाकर वर्षभर अन्न-धन की समृद्धि और भोजन की उपलब्धता की कामना की जाती है।
11. अध्ययन कक्ष में: पढ़ाई और ज्ञान के स्थान पर दीपक जलाना विद्या, विवेक और उज्ज्वल भविष्य की कामना का प्रतीक माना जाता है।
12. कार्यस्थल या दुकान पर: छोटी दिवाली पर अपनी दुकान, कार्यालय या व्यापार स्थल पर दीपक जलाएं। कारोबार में उन्नति और कार्यों में सफलता की कामना करें।
13. पीपल जैसे पवित्र वृक्ष के पास: धार्मिक मान्यताओं में पीपल के वृक्ष के पास दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। स्थानीय परंपरा के अनुसार सुरक्षित स्थान पर दीपक जलाएं।
14. घर के बाहर: घर के प्रवेश द्वार के बाहर भी एक दीपक जलाने की परंपरा है। इसे परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और दीर्घायु की मंगलकामना से जोड़ा जाता है।
छोटी दिवाली पर दीपदान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- दीपदान के लिए मिट्टी के दीपकों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
- दीपक में शुद्ध घी या तेल का ही प्रयोग करें।
- दीपदान के लिए प्रदोष काल का विशेष महत्व है। अपने क्षेत्र के पंचांग के अनुसार समय निर्धारित करें।
- दीपक हमेशा स्थिर और सुरक्षित स्थान पर रखें।
- दीपकों को पर्दों, कागज, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
- दीपदान करते समय परिवार की सुख-शांति, आरोग्य और दीर्घायु की कामना करें।
छोटी दिवाली पर दीपदान से दूर होती है अलक्ष्मी, जानें धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अलक्ष्मी को दरिद्रता, अभाव, कलह और अशुभता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि छोटी दिवाली पर घर की साफ-सफाई और दीपदान करने से अलक्ष्मी दूर होती हैं और माता लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन घर के कोने-कोने में दीपक जलाना स्वच्छता, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश देता है। वहीं, यमदीप दान परिवार के सदस्यों की लंबी आयु और अकाल मृत्यु से रक्षा की मंगलकामना से जुड़ा है।




