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नीतीश ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति,दो दशक मुख्यमंत्री रहने के बाद अब बनेंगे राज्यसभा मेंबर

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लव कुमार मिश्र
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड 20 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद, नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्यता के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।

नीतीश के राज्यसभा नामांकन के वक्त केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन उस समय मौजूद थे । नीतीश ने बिहार विधानसभा के सचिव, जो कि रिटर्निंग ऑफिसर हैं, के समक्ष आज अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नितिन नबीन भी उम्मीदवार हैं।

एक भावुक विदाई संदेश में नीतीश कुमार ने नई सरकार को पूरा समर्थन देने का वादा किया और आश्वासन दिया कि वह नई मंत्रिपरिषद का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

अमित शाह ने भी नीतीश के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं रहा और उन्होंने बिहार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने नीतीश के 20 वर्षों के शासन को बिहार का स्वर्णकाल बताया।

राजनीतिक हलकों में चल रही अटकलों के विपरीत, मुख्यमंत्री के 50 वर्षीय पुत्र निशांत कुमार जदयू में शामिल नहीं हुए। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता देर शाम तक पार्टी कार्यालय में उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं पहुंचे।

इसी बीच, नीतीश के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद वैकल्पिक सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई।

नई सरकार का नेतृत्व भाजपा का एक नेता करेगा और उसमें जदयू के दो उपमुख्यमंत्री होंगे। दोनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत विधानसभा अध्यक्ष का पद जदयू के एक विधायक को दिया जाएगा।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पिछले वर्ष नवंबर में ही शुरू हो गई थी, जब गृह विभाग नीतीश कुमार से लेकर भाजपा के सम्राट चौधरी को दे दिया गया था। यह विभाग पिछले 20 वर्षों से नीतीश कुमार के पास था।