NCERT विवाद: सुप्रीम कोर्ट सख्त , कहा- ने सरकार को विशेषज्ञ समिति बनाने का सुझाव दिया

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की किताबों को लेकर सरकार पर सख्त टिप्पणी की है और कहा है कि यदि सरकार पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाए तो बेहतर होगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच ने यह बात कही।
सुप्रीम कोर्ट एनसीईआरटी की कक्षा आठ की सोशल साइंस किताब से जुड़े सुओ मोटो मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसमें न्यायपालिका के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित होने का आरोप था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार ने अब सिर्फ कक्षा आठ ही नहीं, बल्कि सभी कक्षाओं की किताबें समीक्षा के लिए एनसीईआरटी को निर्देशित किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पाठ्यक्रम की जांच के लिए डोमेन विशेषज्ञों का पैनल बनाया जाएगा।
एनसीईआरटी ने सुधार के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अब किसी भी नई सामग्री को विशेषज्ञों की मंजूरी के बिना प्रकाशित नहीं किया जाएगा। एनसीईआरटी के डायरेक्टर ने कोर्ट में हलफनामा देकर बिना शर्त माफी भी मांग ली।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही 26 फरवरी को इस किताब की छपाई और ऑनलाइन वितरण पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि किताब में लिखी बातें न्यायपालिका की गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली हैं और इसे सोची-समझी चाल करार दिया। अदालत ने आदेश दिया कि बाजार में मौजूद सभी प्रतियों को तुरंत जब्त किया जाए और सार्वजनिक पहुंच से हटा दिया जाए।




