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Chaitti Chhath 2026 : चैती छठ 2026 कब है? नहाय-खाय से परना तक जानें सही तिथियां

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Chaiti Chhath का पावन पर्व Chhath Puja का ही एक रूप है, जिसे खासतौर पर Bihar, Jharkhand और Uttar Pradesh में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व Surya Dev और Chhathi Maiya की उपासना का पर्व है।

चैती छठ चार दिनों तक चलने वाला व्रत है, जिसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है और समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परना करने के साथ होता है। इस व्रत में लगभग 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखा जाता है।

चैती छठ 2026 की तिथियां

नहाय-खाय: 22 मार्च 2026, रविवार

खरना: 23 मार्च 2026, सोमवार

संध्या अर्घ्य (षष्ठी): 24 मार्च 2026, मंगलवार

उषा अर्घ्य और परना: 25 मार्च 2026, बुधवार

नहाय-खाय (22 मार्च 2026)

छठ पर्व के पहले दिन व्रती पवित्र नदी या तालाब में स्नान करती हैं। इसके बाद घर में शुद्धता के साथ कद्दू की सब्जी, चावल और चने की दाल का सात्विक भोजन बनाया जाता है। व्रती इसी भोजन को ग्रहण करती हैं। मान्यता है कि इससे तन-मन की शुद्धि होती है।

खरना (23 मार्च 2026)

दूसरे दिन खरना मनाया जाता है। इस दिन शाम को सूर्य भगवान की पूजा की जाती है। व्रती गुड़ की खीर, रोटी और फल का प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।

संध्या अर्घ्य (24 मार्च 2026)

तीसरे दिन यानी षष्ठी तिथि को शाम के समय नदी या तालाब के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन प्रसाद में ठेकुआ, फल, नारियल और पूड़ी का विशेष महत्व होता है।

उषा अर्घ्य और परना (25 मार्च 2026)

चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद सूर्य देव और छठी मैया की पूजा कर व्रती महिलाएं व्रत का पारण (परना) करती हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति करता है।