छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाला: 3200 करोड़ केस में नया मोड़, 1500 पेज का चालान कोर्ट में पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित आबकारी घोटाले में जांच अब और तेज हो गई है। Anti Corruption Bureau (एसीबी) ने इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए करीब 1500 पेज का विस्तृत चालान अदालत में पेश किया है।
इस चालान में Soumya Chaurasia, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और देवेन्द्र डड़सेना को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि दस्तावेजों में घोटाले से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया है।
‘ऊपर तक पहुंच’ का दावा
एसीबी के अनुसार, इस घोटाले में पैसों के लेन-देन का लिंक कथित तौर पर बड़े स्तर तक जाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रकम का प्रवाह निचले स्तर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंचता था, जिसमें Chhattisgarh Pradesh Congress Committee (पीसीसी) का भी जिक्र सामने आया है।
पहले भी घोटाले में आ चुका है नाम
सौम्या चौरसिया इससे पहले कोयला घोटाले में भी जेल जा चुकी हैं। इस मामले में उन्हें हाई कोर्ट से सशर्त जमानत मिल चुकी है, लेकिन नया चालान पेश होने के कारण उनकी रिहाई पर असर पड़ा है और वे फिलहाल जेल में ही हैं।
बचाव पक्ष ने बताया साजिश
वहीं, बचाव पक्ष ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि बार-बार नई एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को फंसाने की कोशिश की जा रही है।
अब कोर्ट में बढ़ेगी हलचल
इतने बड़े और विस्तृत चालान के कोर्ट में पेश होने के बाद अब इस मामले में सुनवाई के दौरान नए खुलासों और तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा चर्चा में रहने वाला है।




