नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में बड़ा घोटाला, काउंसिल रजिस्ट्रार निलंबित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और निरीक्षण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के खुलासे के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम (उसारे) को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सरकार की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई निजी नर्सिंग कॉलेजों को नियमों को दरकिनार कर मान्यता दी गई। आरोप है कि निरीक्षण प्रक्रिया में फर्जी रिपोर्ट तैयार कर कॉलेजों को क्लीन चिट दी जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद कुंजाम को रायपुर के सीएमएचओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में केवल रजिस्ट्रार ही नहीं बल्कि निरीक्षण टीम और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। शासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की संख्या बीते वर्षों में तेजी से बढ़कर लगभग 150 तक पहुंच गई है। आरोप है कि कई स्थानों पर एक ही परिसर में कई कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो निर्धारित मानकों का उल्लंघन है।
नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने भी इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यूनियन अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने कहा है कि केवल एक अधिकारी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे निरीक्षण तंत्र की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि कुछ कॉलेजों को भारतीय नर्सिंग परिषद की मान्यता के बिना ही अनुमति दिए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।





