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धूमधाम से मनाया गया सिंधी भाषा दिवस , साहित्यकारों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान

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रायपुर। पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा 10 अप्रैल को सिंधी भाषा दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे भगवान झूलेलाल की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं आरती के साथ हुई।

प्रदेश प्रवक्ता सुभाष बजाज के अनुसार, अध्यक्ष महेश दरयानी ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया और सिंधी भाषा दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्य वक्ता विनीता भावनानी एवं नागपुर से आए शिक्षाविद डॉ. विनोद आसुदानी ने सिंधी भाषा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला।

ज्ञातव्य है कि 10 अप्रैल को ही सिंधी भाषा को संवैधानिक मान्यता प्राप्त हुई थी। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस वक्तव्य को भी स्मरण किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था—“हिंदी मेरी मां है, तो सिंधी मेरी मौसी है।”

कार्यक्रम में मुंबई की प्रसिद्ध गायिका पिंकी मायदासानी ने “सिंधी अंबाणी बोली” गीत से समा बांध दिया, वहीं “दमादम मस्त कलंदर” पर समाजजन झूम उठे। देर रात तक चले इस आयोजन में भगवान झूलेलाल का पल्लव कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गई।

साहित्यकारों एवं समाजसेवियों का सम्मान

कार्यक्रम में कई प्रमुख सिंधी साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख हैं:

बाबा मुरलीधर उदासी
विनीता भावनानी
डॉ. विनोद आसुदानी
मुरलीधर माखीजा
राजकुमार मसंद
स्व. प्रेम तनवानी के परिवार से जया जादवानी
जया ठाकुर
कैलाश शादाब
शिव ग्वालानी
शत्रुघन जयसवानी

इसके साथ ही समाजसेवा में सक्रिय संस्थाओं जैसे—बढ़ते कदम, सिंधु एकता संघ, सिंधु शक्ति, सेवा पथ, सारथी संस्था, दिव्य ज्योति, सुदर्शन संस्था, झूलेलाल नवयुवक संघ आदि को भी सम्मानित किया गया।

आयोजन में योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में महेश दरयानी, लद्धाराम नैनवानी, महेश रोहरा, कैलाश बालानी, प्रहलाद शादीजा, बलराम आहूजा, तनेश आहूजा सहित अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन तनेश आहूजा ने किया एवं आभार प्रदर्शन महेश दरयानी ने किया।

विशेष उपलब्धि

इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी सामने आई—भारत के उपराष्ट्रपति के. राधाकृष्णन द्वारा नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में सिंधी भाषा के देवनागरी लिपि संस्करण का विमोचन किया गया। इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री एवं इंदौर सांसद शंकर लालवानी का आभार व्यक्त किया।