छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में होगी डिजिटल जनगणना, 62,500 कर्मचारी होंगे तैनात; 33 सवालों में जुटेगा पूरा डेटा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना को लेकर राज्य सरकार ने विस्तृत तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी।
पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण और आवासीय गणना की जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा। जनगणना से पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने की सुविधा (सेल्फ-एन्यूमरेशन) भी दी जाएगी।
पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगवा और जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि यह पहली बार होगा जब देश में जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक नागरिक को SE ID जारी की जाएगी, जिसके आधार पर प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
इस कार्य के लिए पूरे प्रदेश में करीब 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इसमें मास्टर ट्रेनर, प्रगणक, पर्यवेक्षक और जिला स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे। राज्य के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और हजारों गांवों में यह सर्वे किया जाएगा।
पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
जनगणना के पहले चरण में लगभग 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान, परिवार, सुविधाएं और डिजिटल संसाधनों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में किया जाएगा।
मुख्य श्रेणियों में पूछे जाने वाले सवाल इस प्रकार होंगे:
मकान संबंधी जानकारी: भवन की स्थिति, दीवार-छत की संरचना, मकान का उपयोग और स्थिति।
परिवार संबंधी जानकारी: सदस्यों की संख्या, मुखिया का विवरण, मकान का स्वामित्व, कमरे और वैवाहिक स्थिति।
सुविधाएं: पानी, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था।
डिजिटल व संसाधन: टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल आदि की उपलब्धता।
वाहन व अन्य: साइकिल, बाइक, कार आदि की जानकारी और खान-पान से जुड़े प्रश्न।
अधिकारियों ने बताया कि यह जनगणना अधिनियम 1948 के तहत की जाएगी और सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी कानूनी प्रक्रिया में इन आंकड़ों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
गलत जानकारी पर 1,000 रुपये तक जुर्माना
यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या सहयोग नहीं करता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है और अधिकतम 1,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
इस बार जातिगत जनगणना भी दूसरे चरण में शामिल की जाएगी। इसके लिए 16 अप्रैल 2026 से टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया जाएगा।





