पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग का नोटिस, 24 घंटे में जवाब तलब

दिल्ली। देश के चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद के साथ अब मामला कानूनी और चुनावी नियामक स्तर तक पहुंच गया है।
भारतीय चुनाव आयोग ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए खरगे को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इसे आदर्श आचार संहिता का संभावित उल्लंघन मानते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब और स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदान से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं।
विवाद की शुरुआत क्या थी?
यह मामला तब शुरू हुआ जब चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे भाजपा और अन्नाद्रमुक गठबंधन की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी करते हुए विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
भाजपा ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे कांग्रेस की “ओछी राजनीति” करार दिया और पलटवार किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दी थी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर खरगे ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का अर्थ प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से “आतंकवादी” कहना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका आशय यह था कि सरकार विपक्ष पर दबाव बनाकर और संस्थाओं का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को डराने और बदनाम करने के लिए सरकारी मशीनरी और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
अब चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक से आगे बढ़कर औपचारिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी हलचल और बढ़ने की संभावना है।





