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बीमार पत्नी को बाइक पर लादकर भटकता रहा पति, सिस्टम की लाचारी की मार्मिक तस्वीर

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कबीरधाम। जिले के ग्राम नगवाही से सामने आई एक तस्वीर ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दृश्य किसी फिल्म का नहीं, बल्कि हकीकत का है—जहां एक पति अपनी बीमार पत्नी की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है, लेकिन संसाधनों की कमी उसके संघर्ष को और कठिन बना रही है।

आर्थिक तंगी से है मजबूर
तस्वीर में दिख रहे समलू मरकाम अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को मोटरसाइकिल पर ले जाते नजर आ रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण इलाज के लिए उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं, वहीं एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा भी उन्हें उपलब्ध नहीं हो पाई।

काट रहे अस्पतालों के चक्कर
मजबूरी में समलू ने अपनी मोटरसाइकिल को ही स्ट्रेचर का रूप दे दिया। बाइक पर लकड़ी का पटिया लगाकर उन्होंने एक अस्थायी व्यवस्था तैयार की और उसी के सहारे पत्नी को लेकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। वे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं, इस उम्मीद में कि कहीं न कहीं उनकी पत्नी को उचित इलाज मिल सके।

उजागर हो रही स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति
यह घटना केवल एक पति के समर्पण और संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है। आज भी कई गांवों में लोगों को बुनियादी चिकित्सा सेवाओं के लिए इस तरह जूझना पड़ रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक लोग इस तरह मजबूरी में जुगाड़ का सहारा लेते रहेंगे? और कब तक स्वास्थ्य सुविधाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रहकर जमीनी हकीकत से दूर बनी रहेंगी?