वेदांता पावर प्लांट हादसा: पश्चिम बंगाल के मजदूर की मौत , मृतकों की संख्या 25 पहुंची, उच्चस्तरीय जांच जारी

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे ने गंभीर औद्योगिक सुरक्षा सवाल खड़े कर दिए हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मजदूर विश्वजीत साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 25 पहुंच गई है। वे रायपुर के Shri Shankara Hospital में भर्ती थे, जहां उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया।
हादसा कैसे हुआ
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बॉयलर के फर्नेस में जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा हो गया था, जिससे दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया। इस दबाव के कारण बॉयलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया। इस घटना में कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने Anil Agarwal, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो लापरवाही और जान जोखिम में डालने जैसे अपराधों से संबंधित हैं।
उच्चस्तरीय जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त Sunil Jain को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आम लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य मांगे गए हैं।
जो भी व्यक्ति इस घटना से जुड़े तथ्य या दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता है, वह 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच बिलासपुर संभाग आयुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात रख सकता है।
यह हादसा न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता भी दिखाता है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि तकनीकी चूक, मानवीय लापरवाही या प्रबंधन की कमी—किस वजह से इतना बड़ा नुकसान हुआ।




