कब से शुरू हो रहा ज्येष्ठ मास 2026: इस बार 60 दिन का विशेष संयोग, जानें पूजा, नियम और महत्व

ज्येष्ठ मास का आरंभ 2 मई 2026 से हो रहा है। इस बार यह मास सामान्य एक महीने का नहीं बल्कि पूरे 60 दिनों तक रहेगा। इसका कारण है कि इस अवधि में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय साधना, दान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्येष्ठ मास 2026 कब से कब तक
पंचांग के अनुसार:
ज्येष्ठ मास प्रारंभ: 2 मई 2026
समापन: 29 जून 2026
अधिक (पुरुषोत्तम) मास: 17 मई से 15 जून 2026
अधिक मास को पुरुषोत्तम मास क्यों कहते हैं
अधिक मास को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। “पुरुषोत्तम” उनका एक प्रमुख नाम है, इसलिए इस महीने को पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप और दान का फल अधिक मिलता है।
ज्येष्ठ मास और पुरुषोत्तम मास में क्या करें
० हनुमान जी और भगवान विष्णु की नियमित पूजा करें।
० प्रतिदिन श्रीमद्भागवत गीता, विष्णु सहस्त्रनाम और विष्णु पुराण का पाठ करें।
० सुबह-शाम घी का दीपक जलाएं और ध्यान करें।
० तीर्थ यात्रा और पवित्र नदियों में स्नान (यदि संभव हो) करें।
० पानी, अन्न और वस्त्र का दान करें।
० पशु-पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करें।
ज्येष्ठ मास और पुरुषोत्तम मास में क्या न करें
० दिन में अधिक समय तक सोने से बचें (स्वास्थ्य के अनुसार आराम जरूर लें)।
० पानी की बर्बादी न करें।
० तामसिक भोजन जैसे मांस, शराब आदि से परहेज करें।
० पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस समय विवाह से बचना उचित माना जाता है।
० कुछ मान्यताओं में बैंगन का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
ये सभी नियम और मान्यताएं धार्मिक आस्था पर आधारित हैं। इन्हें अपनाते समय अपनी सुविधा, स्वास्थ्य और परिस्थिति का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।




