बस्तर में डेयरी क्रांति की तैयारी: हर आदिवासी परिवार को मिलेगी गाय और भैंस – अमित शाह

जगदलपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर दौरे के दौरान आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बड़ी घोषणा की है। मंगलवार 19 मई को जगदलपुर में आयोजित मध्यक्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के प्रत्येक आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की योजना पर राज्य सरकार काम कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर का विकास बड़े कारखानों से नहीं बल्कि डेयरी और सहकारिता मॉडल से किया जाएगा। इसके लिए पूरे बस्तर संभाग में डेयरी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे आदिवासी महिलाएं और ग्रामीण परिवार दूध बेचकर नियमित आय अर्जित कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने गुजरात के डेयरी सहकारिता मॉडल का भी अध्ययन किया है, ताकि बस्तर में उसी तर्ज पर मजबूत डेयरी व्यवस्था विकसित की जा सके। सहकारिता मॉडल के जरिए यहां उत्पादित दूध की मार्केटिंग देशभर में की जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि क्षेत्र के लगभग 70 सुरक्षा कैंपों को “जन सुविधा केंद्र” में बदला जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय लोगों को बैंकिंग, राशन, आधार कार्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पूरा करने के बाद अमित शाह मंगलवार शाम जगदलपुर से दिल्ली रवाना हो गए।




