कोयला लेवी घोटाला मामला: ACB-EOW ने नारायण साहू के खिलाफ 1000 पन्नों का पाँचवां पूरक चालान किया पेश, जांच तेज

रायपुर। ACB-EOW ने अवैध कोयला लेवी वसूली मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी नारायण साहू के खिलाफ विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में पाँचवां पूरक अभियोग पत्र दाखिल किया है। यह चालान लगभग 1000 पन्नों का बताया जा रहा है।
आरोपी नारायण साहू, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी का पूर्व चालक रह चुका है और वर्तमान में रायपुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध है। उस पर आरोप है कि वह कोयला लेवी वसूली के संगठित नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अपराध क्रमांक 03/2024 में दर्ज मामले के तहत नारायण साहू ने कथित रूप से कोयला व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं से अवैध वसूली की राशि एकत्र कर उसे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। यह रकम बाद में रजनीकांत तिवारी और अन्य सहयोगियों तक पहुंचाई जाती थी।
प्रकरण में सामने आया है कि इस सिंडिकेट के जरिए जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की दर से अवैध वसूली की गई, जिससे कुल लगभग 540 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित होने का अनुमान है।
इस मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों की एफआईआर और शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी, जिनमें बेंगलुरु पुलिस और आयकर विभाग की रिपोर्ट भी शामिल है। आगे चलकर इसकी जांच Enforcement Directorate तक पहुंची।
अब तक की कार्रवाई में एजेंसी ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, 5 अभियोजन शिकायतें विशेष PMLA न्यायालय में दाखिल की हैं और लगभग 273 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और नए नाम सामने आ सकते हैं।




