भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग को रफ्तार, पश्चिम बंगाल सरकार ने BSF को सौंपी 75 एकड़ जमीन

कोलकाता। Border Security Force को भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग कार्य तेज करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने बिना बाड़ वाले सीमावर्ती इलाकों में फेंसिंग के लिए करीब 75 एकड़ जमीन आधिकारिक तौर पर BSF को सौंप दी है। यह जमीन लगभग 27 किलोमीटर लंबे सीमा क्षेत्र में सुरक्षा ढांचा तैयार करने के लिए दी गई है।
राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और सीमा सुरक्षा से जुड़े बाकी लंबित भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी अगले दो सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां-जहां फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे के लिए जमीन की आवश्यकता होगी, वहां राज्य सरकार सहयोग करेगी।
2200 किलोमीटर सीमा में अब भी 600 किलोमीटर हिस्सा खुला
मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगने वाली लगभग 2200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में करीब 1600 किलोमीटर हिस्से में पहले ही फेंसिंग हो चुकी है, जबकि लगभग 600 किलोमीटर क्षेत्र अब भी बिना बाड़ के है। सरकार का कहना है कि इन संवेदनशील इलाकों में घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए फेंसिंग बेहद जरूरी है।
“डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति लागू
सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति लागू करने की घोषणा भी की है। सरकार के मुताबिक, अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत कार्रवाई के बाद BSF को सौंपा जाएगा।
हाईकोर्ट भी दे चुका है निर्देश
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए राज्य सरकार को सीमा फेंसिंग के लिए आवश्यक जमीन BSF को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में देरी उचित नहीं है।
सीमा क्षेत्रों में बढ़ेगा समन्वय
सरकार ने यह भी कहा है कि सीमा से जुड़े जिलों में BSF, राज्य पुलिस और जिला प्रशासन के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।





