राज्य सरकार स्वयं बेचे रेत ताकि नागरिकों को सुविधाएं हो – लेखराम साहू

राजिम .कुरुद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली श्री लेख राम साहू ने सरकार के द्वारा निगम व कंपनी को रेत बेचने की बात कही जाने का विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास किसी जिले की जिला स्तरीय समिति द्वारा चिन्हाअंकित रेत खदानों को पर्यावरण संरक्षण और खनिज भंडार के उचित आकलन के लिए केंद्र या राज्य सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निगमों के लिए आरक्षित कर सकेगी यह कदम निजी ठेकेदारों के एक अधिकार को कम करने और सरकारी नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस बदलाव से रेत माफिया पर लगाम कसा जा सकता है इस बदलाव से कच्चे लोहा में सिर्फ एशियन पेंट पोतने जैसा रह जाएगा यह सब बदलाव भारतीय जनता पार्टी को ही लगता है आम जनता के जीवन में खुशहाली तभी आएगी जिस प्रकार से पूर्व सरकार में शराब की ठेकेदारी एवं मनमानी तरीके से आम जनता से शराब का रेट वसूले जाते थे जिससे आम जनता को शराब पीने में शराब खरीदने में काफी मशक्कत एवं परेशानियों का सामना करना पड़ता था यह सब परेशानी से आज आम जनता को छुटकारा मिल गई लोग जाकर शराब दुकान से शराब लेकर शराब का सेवन कर रहे हैं मैं भारतीय जनता पार्टी को बताना चाहता हूं कि जब सरकार शराब भेज सकता है तो रेत खदानों को किसी निगम किसी कंपनी को देने की क्या जरूरत है जब शराब को सरकार बेच सकता है तो रेत को क्यों नहीं सरकार रेत बेचेगा तो आम जनता को सही रेट पर रेत मिलेगा और घर बनाने में एवं आर्थिक संकट से थोड़ा छुटकारा भी मिलेगा निगम या कंपनी को दिए जाने से ठेकेदार जैसे ही मनमानी रेट रहेगा और आम जनता उसमें पिसाते रहेंगे ठेकेदारों की भांति रेट में अनावश्यक वृद्धि होना आम जनता के लिए कष्टप्रद रहता है
सरकार को आम जनता की मूलभूत सुविधा एवं आर्थिक संकट जैसे समस्याओं के ऊपर विचार करते हुए रेत को भी सरकार बेचे ताकि आम जनता को सही दाम में मिलें निश्चित तौर पर सरकार रेत बचेगी तो पर्यावरण एवं नदी का सही खनन होगा नदी की सुंदरता पर्यावरण की रक्षा होगी जितना खनन करने के नियम हैं उसका सही पालन होगा अवैध उत्खनन से छुटकारा मिलेगा अवैध रेत चोरी से भी सरकार को छुटकारा मिलेगा जब इतने सारे फायदा सरकार को रेत बेचने से हो सकता है तो सरकार को रेत निश्चित तौर पर जनता के हित के लिए बेचने चाहिए।





