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2 किलो सोने का हार बताकर 10 लाख की ठगी! कारोबारी को नकली हार थमाकर फरार हुए मां-बेटे

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० खुदाई में खजाना मिलने की कहानी सुनाकर जीता भरोसा, जांच में खुली ठगी की पूरी साजिश

रायपुर। राजधानी रायपुर में सस्ते दाम पर सोना खरीदने के लालच में एक कारोबारी लाखों रुपये की ठगी का शिकार हो गया। आरोपियों ने खुदाई में मिला दो किलो वजनी सोने का हार बताकर कारोबारी को अपने झांसे में लिया और 10 लाख रुपये नकद लेकर नकली हार थमा दिया। मामले में डीडी नगर थाना पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, भिलाई के गुरुनानक नगर निवासी धवल बडोदरिया सैनिटरी व्यवसाय से जुड़े हैं। उनकी पहचान दोस्त नमन अग्रवाल के माध्यम से राजेश प्रजापति से हुई थी। राजेश ने दावा किया कि खुदाई के दौरान उसे पीतल के लोटे में करीब दो किलो का सोने का हार मिला है। भरोसा जीतने के लिए उसने हार का एक छोटा टुकड़ा जांच के लिए दिया, जो जांच में असली सोना निकला।

असली सोने के टुकड़ों से जीता भरोसा

22 जून को रायपुरा चौक के पास हुई मुलाकात में आरोपियों ने हार का एक और टुकड़ा जांच के लिए दिया, जो भी सोना निकला। लगातार असली सोने के नमूने मिलने से कारोबारी पूरी तरह विश्वास में आ गया और हार खरीदने के लिए तैयार हो गया।

कार में हुआ 10 लाख का सौदा

23 जून को रायपुरा क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सौदा तय हुआ। दोपहर करीब 12 बजे कार में ही कारोबारी ने 10 लाख रुपये नकद दिए और बदले में कथित दो किलो वजनी हार ले लिया। रकम लेने के बाद आरोपी मां-बेटे डीडी नगर क्षेत्र में उतरकर ई-रिक्शा से फरार हो गए।

ज्वेलर की जांच में खुली ठगी

हार खरीदने के बाद धवल ने उसकी अलग-अलग ज्वेलरी दुकानों में जांच कराई। कुछ दुकानदारों ने संदेह जताया, जिसके बाद उन्होंने अपने परिचित ज्वेलर से हार की जांच करवाई। परीक्षण में पूरा हार नकली निकला। इसके बाद कारोबारी को एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित ठगी की गई है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीड़ित की शिकायत पर डीडी नगर थाना पुलिस ने राजेश प्रजापति और उसकी मां के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कीमती वस्तु की खरीद-बिक्री से पहले उसकी प्रमाणित जांच और वैध दस्तावेजों की पुष्टि अवश्य करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।