कल छत्तीसगढ़ में पल्स पोलियो अभियान: 35.98 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी जिंदगी की ‘दो बूंद’, 57 हजार से ज्यादा वैक्सीनेटर रहेंगे तैनात

रायपुर। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार, 28 जून को छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष तक के 35 लाख 98 हजार 904 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में 14,396 पोलियो बूथ, 28,791 टीमें और 57 हजार से अधिक वैक्सीनेटर तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
दो दिन चलेगा घर-घर अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बूथ दिवस के बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर उन बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाएंगे, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे।
प्रदेशभर में पूरी हुई तैयारियां
अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में जिला और विकासखंड स्तर पर टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित की गई हैं। स्वास्थ्य कर्मियों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। माइक्रोप्लान, वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड चेन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
दूरस्थ क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
इस बार अभियान के दौरान दूरस्थ गांवों, वनांचल क्षेत्रों, शहरी बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों तथा प्रवासी और घुमंतू परिवारों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग की अभिभावकों से अपील
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत ने कहा कि जन्म से पांच वर्ष तक के हर बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाई जाए, चाहे उसे पहले नियमित टीकाकरण या पल्स पोलियो अभियान के दौरान दवा मिल चुकी हो। उन्होंने अभिभावकों से बूथों पर बच्चों को लाने और घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि “पोलियो मुक्त भारत” की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की दो बूंद पहुंचाना बेहद जरूरी है।





