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एआई में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार और नवाचार के नए अवसर – सीएम साय

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० मुख्यमंत्री की हाई लेवल समीक्षा बैठक में बड़ा विजन, शासन से लेकर शिक्षा तक AI का होगा व्यापक उपयोग

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि AI केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, रोजगार और नागरिक सेवाओं को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है।

बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एआई मिशन, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु पोर्टल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स और अन्य डिजिटल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

युवाओं को मिलेगा AI स्किल और रोजगार का बड़ा मौका

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं को AI के अनुरूप तैयार करना है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और विश्वविद्यालयों में AI जागरूकता कार्यक्रम, रोबोटिक्स क्लब, हैकाथॉन, AI लैब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।

राज्य में AI आधारित स्टार्टअप, डेटा लैब्स, रिसर्च प्रोजेक्ट, सीड फंडिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी सुविधाओं के जरिए नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।

AI से बदलेगा शासन का स्वरूप

बैठक में बताया गया कि शासन-प्रशासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न विभागों में AI आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा और AI नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

साथ ही भाषिणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।

मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट विस्तार को मिलेगी रफ्तार

समीक्षा बैठक में बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में करीब 1,000 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 577 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से 406 के लिए भूमि आवंटन पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक बेहतर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।

4,114 ग्राम पंचायतें जुड़ेंगी हाई-स्पीड नेटवर्क से

भारतनेट फेज-3 के तहत प्रदेश की 4,114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक रिंग टोपोलॉजी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। साथ ही गांवों तक FTTH (फाइबर टू द होम) सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में तेज इंटरनेट उपलब्ध हो सकेगा।

सेवा सेतु पोर्टल पर 520 सरकारी सेवाएं

बैठक में बताया गया कि सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश के 16,726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाएं मिल रही हैं।

1 अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 37.52 लाख का निराकरण कर 94.3 प्रतिशत सफलता दर हासिल की गई है।

नवा रायपुर बनेगा डिजिटल इनोवेशन हब

बैठक में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, सुरक्षा संचालन केंद्र, GIS आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य डिजिटल परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

सरकार का मानना है कि इन पहलों से आईटी एवं आईटीईएस सेक्टर को नई गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।