सड़क हादसों पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार-NHAI को फटकार; 10 दिन में मांगा एक्शन प्लान

० बढ़ते सड़क हादसों, हाईवे पर मवेशियों और ओवरलोड वाहनों पर जताई चिंता; सभी कलेक्टरों, पुलिस और NHAI से शपथपत्र सहित रिपोर्ट तलब
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों, राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेसहारा मवेशियों की मौजूदगी और ओवरलोड वाहनों की समस्या पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कड़ी फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि “क्या पुलिस का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या सड़क व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है?”
कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रदेश में 15,484 सड़क हादसे हुए, जिनमें 6,967 लोगों की मौत हुई। वहीं 2026 में 31 मई तक 6,891 दुर्घटनाओं में 3,170 लोगों की जान जा चुकी है। इन आंकड़ों पर गंभीर चिंता जताते हुए अदालत ने संबंधित एजेंसियों को जवाबदेह ठहराया।
हाई कोर्ट ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस विभाग और NHAI को निर्देश दिया है कि वे 10 दिनों के भीतर सड़क सुरक्षा सुधार की विस्तृत कार्ययोजना शपथपत्र के साथ न्यायालय में प्रस्तुत करें। साथ ही ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार तथा हाईवे पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।





