#संपादकीय

कही-सुनी (09 AUG-26) : छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि दागदार

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रवि भोई की कलम से

 

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सीएसपी के तौर पर पदस्थ ट्रेनी आईपीएस अफसर राहुल बंसल पर एक करोड़ रिश्वत लेने के आरोप लगने से राज्य का पूरा पुलिस महकमा दागदार हो गया है। राहुल बंसल 2022 के आईपीएस अफसर हैं और अगस्त 2025 से अंबिकापुर में बतौर सीएसपी तैनात हैं। सीएसपी पर रिश्वत लेने का आरोप हरियाणा के आकाश कुमार नामक एक व्यक्ति ने लगाया है। मामला दिल्ली के सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेंडिग है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य के डीजीपी अरुणदेव गौतम से भी जवाब तलब किया है। इस कारण यह मामला राज्य पुलिस के लिए नाक का सवाल बन गया है। रिश्वत के आरोप के दायरे में सीएसपी के साथ एक एएसआई और एक आरक्षक भी हैं, पर ट्रेनी आईपीएस की संलिप्तता का आरोप गंभीर चिंता का विषय है। आरोप लगाने वाले ने सबूत में व्हाट्सअप चैट,आडियो रिकार्डिंग और अन्य दस्तावेज कोर्ट में जमा किए हैं। मामले के केंद्र में साइबर ठगी का एक केस है। कहते हैं इस केस को सुलझाने के लिए ही सारा गुणा भाग किया गया। सीबीआई कोर्ट में इस केस की अगली पेशी 11 अगस्त को है। मामला कोर्ट में जा पहुँचने और राज्य के डीजीपी के गर्दन को छूने के बाद भी ट्रेनी आईपीएस का सीएसपी के पद पर बने रहना और कोई कार्रवाई न होना, कई सवालों को जन्म दे रहा है। एक कस्टोडियल डेथ के मामले में राज्य के डीजीपी अरुणदेव गौतम को सुप्रीम कोर्ट की फटकार चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस मामले में सीबीआई कोर्ट डीजीपी की चक्षु किस तरह खोलती है, उसका लोगों को इंतजार है।

नेताओं और अफसरों में खटपट

छत्तीसगढ़ में नेताओं और अफसरों के बीच मतभेद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मतभेद का सबसे बड़ा कारण नेताओं की मर्जी से अफसर काम नहीं कर रहे हैं। कुछ महीने पहले एक मंत्री की मर्जी के अनुरूप काम नहीं होने पर गोरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर को सरकार ने हटा दिया। सरकार ने कुछ महीने पहले ही अफसर को वहां का कलेक्टर बनाया था। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया का मामला सुर्ख़ियों में था ही कि दुर्ग के सांसद विजय बघेल भी अफसरों के व्यवहार से पीड़ित हो गए। विजय बघेल द्वारा भी दुर्ग जिले के दो अफसरों के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन की सूचना देने की खबरें आ रही है। हालांकि अभी तक किसी अफसर को लोकसभा सचिवालय से नोटिस मिलने की खबर नहीं है। विजय बघेल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की घोषणा पत्र समिति के प्रमुख थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ पाटन क्षेत्र से चुनाव लड़े थे। 2023 के चुनाव परिणाम आने तक ओबीसी नेता के तौर पर विजय बघेल को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था।

जूनियर फारेस्ट अफसर की मंत्रालय में पोस्टिंग

वन विभाग में एडिशनल पीसीसीएफ और सीसीएफ के रहते डीएफओ स्तर के अधिकारी गणवीर धम्मशील को मंत्रालय में वन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। वन विभाग के कई अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर अलग-अलग विभागों में पदस्थ हैं। कोई सचिव स्तर का अधिकारी है,तो कोई किसी निगम-मंडल का एमडी। वन विभाग इन दिनों शीर्ष स्तर पर अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। एडिशनल पीसीसीएफ स्तर के अधिकारी अमरनाथ प्रसाद को दोहरा चार्ज दिया गया है। अमरनाथ प्रसाद मंत्रालय में वन विभाग के सचिव के साथ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक बनाए गए हैं। वन विभाग में शीर्ष स्तर पर अफसरों की कमी को दूर करने के लिए प्रतिनियुक्ति पर दूसरे विभागों में गए अफसरों का कब बुलाया जाएगा, यह बड़ा सवाल है।

जल संसाधन के सीई का तुग़लकी फरमान

बताते हैं जल संसाधन विभाग के अधीन गोदावरी कछार बस्तर के मुख्य अभियंता ने रायपुर में पदस्थ कार्यपालन अभियंता को बस्तर संभाग के अधीक्षण अभियंता का अस्थायी प्रभार दे दिया और बस्तर संभाग में पदस्थ अधीक्षण अभियंता को जिम्मेदारी नहीं सौंपी। बताते हैं कि सीई ने बस्तर संभाग के एसई की जिम्मेदारी जिस ईई को दी है, वे बस्तर में पदस्थ अधीक्षण अभियंता से जूनियर हैं। सीई के फरमान से जल संसाधन विभाग में बवाल मच गया है। विभाग में यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि वरिष्ठ अधिकारी अपने से जूनियर के अधीन कैसे काम करें ? कहा जा रहा है गोदावरी कछार बस्तर के मुख्य अभियंता प्रमोशन के बाद भी बोधघाट परियोजना के अधीक्षण अभियंता का प्रभार अपने पास रखे हुए हैं। अधीक्षण अभियंता बोधघाट परियोजना का मुख्यालय रायपुर में है। बस्तर में चीफ इंजीनियर रहते रायपुर में एसई का प्रभार अपने पास रख कर रायपुर में काम करने वाले को बस्तर का अतिरिक्त प्रभार देकर सीई साहब क्या दिखाना चाहते हैं, यह लोगों को समझ में नहीं आ रहा है।

सूरजपुर के शिक्षा अधिकारी बनने की दौड़

कहते हैं सरगुजा संभाग के तहत सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए कई अफसर इन दिनों लालायित हैं। अब सूरजपुर शिक्षा विभाग में ऐसा क्या है कि लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। बताते हैं कि सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी 31 जुलाई को रिटायर हो गए और वहां पद खाली है। सरकार ने अभी तक किसी की पोस्टिंग नहीं की है। हल्ला है कि सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए दावेदार मोटी रकम खर्च करने को तैयार हैं और बोली भी लगा रहे हैं। अब विद्या दान करने वाले विभाग में धन का खेल होगा तो नौनिहालों का भविष्य किस तरह गढ़ा जाएगा।

सुर्ख़ियों में जिला

वीवीआई के स्वागत में ऊंच-नीच को लेकर सुर्ख़ियों में आया एक जिला इन दिनों फिर सुर्ख़ियों में है। इसी ऊंच-नीच से नाराज जिले की मुखिया ने अपने मातहत अफसर को नोटिस थमा दिया। बताते हैं एक-दो नहीं, बल्कि कई नोटिस दे दिए। नोटिस से दुखी मातहत अफसर शिकायत लेकर एक आयोग में चले गए। कहा जा रहा है आयोग अभी तक हरकत में नहीं आया है। जिले की मुखिया को सख्त अफसर बताया जाता है। चर्चा है कि मातहत अफसर पहले भी नोटिस के फेर में फंस चुके हैं। अब देखते हैं बीच का रास्ता निकलता है या मामला तूल पकड़ता है।

15 अगस्त के बाद निकल सकती है कलेक्टरों की लिस्ट

चर्चा है कि 15 अगस्त के बाद राज्य के 6-7 कलेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट निकल सकती है। कुछ कलेक्टरों का ट्रांसफर काफी दिनों से लंबित है। इस लिस्ट में कई बड़े जिले भी प्रभावित होंगे। बताते हैं कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं। इस लिस्ट में उनका नाम भी हो सकता है। सरकार वहां किसी आईएएस की पोस्टिंग कर नीलेश क्षीरसागर को केंद्र सरकार के लिए रिलीव कर सकती है। छत्तीसगढ़ कैडर की 2003 बैच की आईएएस अधिकारी ऋतु सेन छत्तीसगढ़ आ सकती हैं। ऋतु सेन वर्तमान में नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) में ओएसडी-सह-निवेश आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ आने पर उन्हें मंत्रालय में कोई बड़ा विभाग दिया जा सकता है।

(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
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