श्री जैतू साव मठ में श्रावण झूला महोत्सव का भव्य शुभारंभ

रायपुर। रायपुर पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतू साव मठ में शुक्रवार को श्रावण झूला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितीया के पावन अवसर पर सायं 4 बजे भगवान श्री राधाकृष्ण को सोने-चांदी से निर्मित लगभग 6 फीट ऊंचे आकर्षक झूले में विराजमान कर विधिवत हिंडोला उत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज द्वारा विशेष सवैया आरती की गई। भगवान श्री राधाकृष्ण को 11 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को झूला झुलाया गया। मातृ मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों से पूरे मठ परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। सचिव महेंद्र अग्रवाल, अजय तिवारी, पुजारी सुमित तिवारी, दिपक पाठक , शैल अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, शारदा शुक्ला ,संतोषी अग्रवाल, मनिषा योगिता यदू, मधुश्याम सिन्हा, उषा झा, विवे विमल वैष्णव, संस्कृत पाठशाला के बटुक विद्यार्थी व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान श्री राधाकृष्ण के झूलनोत्सव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रावण झूला उत्सव का धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में श्रावण मास भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उत्सव और आनंद का विशेष अवसर माना जाता है। वर्षा ऋतु में प्रकृति के हरित और मनोहारी वातावरण के बीच भगवान श्री राधाकृष्ण को झूले में विराजमान कर झुलाना प्रेम, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। मान्यता है कि झूलनोत्सव में भगवान को झूला झुलाने और उनके दर्शन करने से भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होती है तथा परिवार में सुख-शांति और मंगल की कामना की जाती है।
श्री जैतू साव मठ में आयोजित यह झूला महोत्सव श्रद्धालुओं को भगवान श्री राधाकृष्ण की भक्ति के साथ भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है।
मठ में श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितीया से रक्षाबंधन तक प्रतिदिन सायं 4 बजे झूला आरती की जाएगी। इसके पश्चात भगवान श्री राधाकृष्ण रात्रि 9 बजे तक झूले में विराजमान रहेंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान के झूला उत्सव के दर्शन कर सकेंगे और भक्ति-भाव से पूजा-अर्चना कर सकेंगे।




