नवा रायपुर में आवास का बड़ा तोहफा, 119 करोड़ की परियोजना से बनेंगे 348 भवन; 704 फ्लैट भी प्रस्तावित

रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। परियोजना के तहत HIG और MIG श्रेणी के 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में अब वही आवासीय परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनकी वास्तविक मांग हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और तय समयसीमा से पहले परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।
मांग के आधार पर ही शुरू होंगी नई परियोजनाएं
मंत्री ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड में नीतिगत बदलाव किए गए हैं। अब बिना मांग के किसी क्षेत्र में आवासीय योजना शुरू नहीं होगी। किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग या शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे तैयार मकानों के लंबे समय तक खाली रहने की समस्या कम होगी।
सेक्टर-12 में 704 नए फ्लैट भी बनेंगे
आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए सेक्टर-12 फेस-2 में अगले चरण में 704 नए फ्लैट बनाने की भी तैयारी है। इनमें 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इनकी प्रस्तावित बेस कीमत करीब 16.76 लाख से 40.47 लाख रुपये तक होगी।
वहीं, मौजूदा परियोजना में बनने वाले 348 भवनों की बेस बिक्री कीमत 45.70 लाख से 85.17 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है।
सरकारी कॉलोनियों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड को केवल मकान बनाने वाली संस्था के बजाय प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से टाइल्स, फिटिंग्स, रंग और अन्य निर्माण सामग्री में बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि करके भी उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने और समय पर कॉलोनियों का हैंडओवर करने पर भी जोर दिया गया।
ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर
मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। शहर के करीब एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र हरियाली के लिए रखा गया है।
उन्होंने बताया कि यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में कई बड़े संस्थान और परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की संभावनाएं हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मंत्री ओपी चौधरी ने पीपल का पौधा लगाया। उन्होंने नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के लिए पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर भी जोर दिया।
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि मंडल अब मांग आधारित परियोजनाओं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान दे रहा है। वहीं सचिव अंकित आनंद ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही।





