UP Flood Alert: यूपी में फिर बाढ़ का कहर! गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर, 1.70 लाख लोग प्रभावित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश ने बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। गंगा, यमुना और मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट से लेकर प्रयागराज, वाराणसी, बलिया और गाजीपुर तक बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से परसौंजा गांव में भारी नुकसान हुआ है। अब तक 100 से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 80 से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए हैं।
बाढ़ के पानी में घरों में रखा अनाज और गृहस्थी का सामान खराब हो गया। कई लोगों के कपड़े और जरूरी सामान भी तेज बहाव में बह गए। वहीं रामघाट, तरीहा, गोबारिया और मानिकपुर के कई गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से जलापूर्ति भी ठप हो गई है।
प्रयागराज में आबादी तक पहुंचा बाढ़ का पानी
प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गया है। प्रभावित लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
इसी बीच कर्णावती नदी में हादसा भी हुआ। सुरवां दलापुर गांव में पांच किशोरियां नदी में गई थीं। तेज बहाव की चपेट में आने से दो किशोरियां लापता हो गईं, जबकि तीन को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लापता किशोरियों की तलाश जारी रही।
वाराणसी में सभी घाट डूबे, सैकड़ों परिवारों ने छोड़े घर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार रात तक गंगा का जलस्तर 70.15 मीटर पहुंच गया। वहीं वरुणा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
सामनेघाट, पुलकोहना, सलारपुर समेत 10 से ज्यादा तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अब तक 361 परिवारों के 1,574 लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया है। कई परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
गाजीपुर में ड्रोन से 12 चरवाहों का रेस्क्यू
गाजीपुर में गंगा के टापू पर 12 चरवाहे और 2,000 से ज्यादा भेड़ें फंस गई थीं। पुलिस-प्रशासन ने नाइट विजन ड्रोन की मदद से करीब छह घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाढ़ के कारण रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम मार्ग पर आवागमन बंद है। वहीं गोमती नदी के उफान के कारण गौरी-तेतारपुर मार्ग भी पानी में डूब गया है।
17 जिले बाढ़ से प्रभावित, 1.70 लाख लोग प्रभावित
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, रविवार तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 1.70 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
राहत और बचाव के लिए 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 525 नाव और मोटरबोट के जरिए राहत अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है।
पूर्वांचल में भी बढ़ रहा नदियों का जलस्तर
बलिया में गंगा और सरयू तथा वाराणसी में वरुणा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं पूर्वांचल के कई इलाकों में गंगा, गोमती और सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।




