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तीजा-पोरा पर ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोलीं- 6 योजनाओं में पहली योजना धरातल पर

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रायपुर। तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में अभियान के लोगो का अनावरण किया गया। इस दौरान पोषण जागरूकता के लिए ‘सुपोषण रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ अभियान

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुनगा यानी सहजन आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर प्राकृतिक खाद्य स्रोत है। महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के उद्देश्य से अभियान को प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है।

अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण परिवारों की बाड़ियों में मुनगा के पौधे लगाए और वितरित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को अपनी बाड़ी से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रशासनिक फेरबदल के बाद पहली बड़ी योजना जमीन पर

महिला एवं बाल विकास विभाग में हालिया प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद तैयार किए गए 6 नई जनकल्याणकारी योजनाओं के रोडमैप में यह अभियान पहली योजना है, जिसे अब धरातल पर उतारा गया है।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि सरकार का जोर केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन पर है। विभाग की टीम शेष पांच योजनाओं के ड्राफ्ट और उनके धरातलीय क्रियान्वयन मॉडल को अंतिम रूप देने में जुटी है। इन योजनाओं को भी जल्द चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

52 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ेगा अभियान

अभियान के तहत प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 7.88 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 15 मुनगा पौधे लगाने और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी तय की गई है।

मंत्रालय से गांव तक तय हुई जिम्मेदारी

अभियान की निगरानी के लिए मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। राज्य स्तर पर विभागीय सचिव की अध्यक्षता में समिति नीतिगत मार्गदर्शन देगी। जिला स्तर पर कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समन्वय समितियां अभियान की निगरानी करेंगी।

वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी उनकी भूमिका के अनुसार जिम्मेदारी दी गई है। पौधों के जीवित रहने, क्षति और दोबारा रोपण की स्थिति पर नजर रखने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया गया है।

सप्ताह में तीन बार मुनगा खाने की अपील

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि तीजा-पोरा के अवसर पर हर परिवार अपनी बाड़ी में मुनगा का पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे। उन्होंने लोगों से सप्ताह में कम से कम तीन बार मुनगा फल, मुनगा भाजी और मुनगा फूल को भोजन में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से स्वस्थ, सुपोषित और सशक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।