ECI का बड़ा फैसला: SIR पूरा होने वाले राज्यों में Form-6 से हटेगा अतिरिक्त घोषणा वाला कॉलम

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाताओं के लिए ऑनलाइन Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई है। अब इन राज्यों में पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले पात्र नागरिकों को केवल निर्धारित वैधानिक Form-6 ही भरना होगा।
यह फैसला 26 सितंबर को हुई पूर्ण निर्वाचन आयोग की बैठक के बाद लिया गया। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी शामिल थे।
SIR वाले राज्यों में अभी जारी रहेगी अतिरिक्त घोषणा
SIR के दौरान Form-6 के साथ जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा में आवेदक से पूछा जाता था कि वह स्वयं या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी पहले हुए किसी विशेष गहन पुनरीक्षण में तैयार मतदाता सूची में दर्ज थे या नहीं। इसके लिए पुराने मतदाता रिकॉर्ड से पारिवारिक संबंध की जानकारी देनी होती थी।
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी SIR की प्रक्रिया चल रही है, वहां ECINet पोर्टल और ऐप पर यह अतिरिक्त घोषणा उपलब्ध रहेगी। संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।वहीं, SIR पूरा हो चुके राज्यों में ECINet पोर्टल, ऐप और संबंधित CEO पोर्टल से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई है।
Form-6 को लेकर आयोग में सामने आया मतभेद
Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा जोड़ने को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए थे। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी। जोशी का तर्क था कि पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म में बदलाव नियमों में संशोधन किए बिना नहीं किया जा सकता।
संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताते हुए ऑनलाइन Form-6 में जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा को हटाने की मांग की थी। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना रहा है कि Form-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया था, बल्कि SIR की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल के लिए एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी।
26 सितंबर की बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट
आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अतिरिक्त घोषणा का इस्तेमाल केवल SIR की अवधि के दौरान किया जाना है। SIR पूरा होने के बाद सामान्य मतदाता पंजीकरण के लिए 1960 के नियमों के तहत निर्धारित Form-6 ही इस्तेमाल होगा।
SIR से जुड़े फैसलों को लेकर आयोग के भीतर आपत्तियों और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने की रिपोर्टों के बीच आयोग ने कहा है कि SIR से संबंधित आदेशों को तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी।
क्या है Form-6?
Form-6 वह वैधानिक फॉर्म है, जिसके जरिए पात्र भारतीय नागरिक पहली बार अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन करते हैं।




