छत्तीसगढ़ कोयला लेवी केस: सुप्रीम कोर्ट से सूर्यकांत तिवारी के कथित सहयोगी राकेश जैन को राहत, नियमित जमानत पर रिहाई का आदेश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के कथित सहयोगी राकेश जैन उर्फ आरके जैन को नियमित जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से तय की जाने वाली शर्तों के अधीन उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने किन आधारों पर दी जमानत?
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर गौर किया। कोर्ट ने पाया कि राकेश जैन का नाम शुरुआती एफआईआर में शामिल नहीं था। उन्हें 10 मार्च 2026 को दाखिल चौथे पूरक आरोपपत्र में आरोपी बनाया गया था।
कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। इसके अलावा, इस मामले के कुछ सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत मंजूर की। हालांकि, कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की।
540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन के दौरान प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की गई थी। इस पूरे अवैध वसूली नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये जुटाए जाने का आरोप है। राकेश जैन पर इस कथित अवैध रकम को खपाने में मदद करने का आरोप लगाया गया है।
दिसंबर 2025 में हुई थी गिरफ्तारी
राकेश जैन उर्फ आरके जैन को 11 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। अब सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।




