सुप्रीम कोर्ट में बढ़ी न्यायिक ताकत: 5 नए जजों ने ली शपथ, अब सिर्फ एक पद खाली

  नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायिक क्षमता को और मजबूती मिली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मंगलवार को पांच नए न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के साथ सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि स्वीकृत 38 पदों में अब केवल एक पद रिक्त रह गया है। इन पांच न्यायाधीशों ने संभाला पदभार शपथ लेने वाले नए न्यायाधीशों में वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना, श्री चंद्रशेखर, शील नागू, संजीव सचदेवा और अरुण पल्ली शामिल हैं। इन नामों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई को की थी, जिसे केंद्र सरकार ने चार दिन के भीतर मंजूरी दे दी। जजों […]

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, राज्य छोड़ने की शर्त

  रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने शराब नीति घोटाले से जुड़े दो मामलों में उन्हें जमानत दे दी। हालांकि अदालत ने शर्त रखी है कि वे छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे और केवल जांच या कोर्ट में पेशी के लिए ही राज्य में आ सकेंगे। निरंजन दास पिछले करीब दो वर्षों से जेल में बंद थे। उन पर कथित शराब सिंडिकेट, अवैध कमीशनखोरी और आबकारी नीति में हेरफेर कर करोड़ों रुपये के घोटाले में भूमिका निभाने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह कथित घोटाला वर्ष 2019 से 2022 […]

त्विषा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त — मीडिया बयानबाजी पर रोक, निष्पक्ष जांच के आदेश

  दिल्ली। देशभर में चर्चा का विषय बने त्विषा शर्मा मौत मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अहम सुनवाई की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। सुप्रीम Court ने साफ कहा कि इस संवेदनशील मामले को सनसनीखेज बनाने से बचना चाहिए। अदालत ने मीडिया से अपील की कि पीड़ित परिवार या दूसरे पक्ष के बयान लेकर मामले को “मीडिया ट्रायल” का रूप न दिया जाए। कोर्ट ने त्विषा शर्मा की मौत को “अप्राकृतिक मृत्यु” मानते हुए कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। […]

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: आवारा कुत्तों से जुड़े याचिकाएं खारिज, पुराना आदेश बरकरार,कोर्ट ने पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कीं

  दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 के अपने आदेश में बदलाव या उसे वापस लेने की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) की SOP को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी अदालत ने खारिज कर दीं। पुराने निर्देशों में कोई राहत नहीं जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने स्पष्ट किया कि पहले दिए गए निर्देशों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके तहत: स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश जारी रहेगा नसबंदी के बाद कुत्तों को वापस उसी स्थान […]

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब सोमवार और शुक्रवार को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

  नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। नए निर्देशों के अनुसार अब सोमवार, शुक्रवार और अन्य निर्धारित “मिसलेनियस” दिनों में मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। अदालत की रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि सभी पक्षकारों को समय पर वीडियो लिंक उपलब्ध कराए जाएं और तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रखी जाए। यह कदम कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई वर्चुअल सुनवाई को अब एक स्थायी और व्यवस्थित ढांचे में शामिल करने की दिशा में माना जा रहा है। ईंधन बचत […]

बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण : सुप्रीम कोर्ट ने 19 अगस्त तक हटाए गए 65 लाख मतदाताओं की मांगी जानकारी ,चुनाव आयोग ने दी सहमति

  दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी विवाद पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी दलीलें रखीं। चुनाव आयोग ने दलीलों की शुरुआत करते हुए कोर्ट से कहा कि उसके पास कुछ निर्णय लेने के लिए पर्याप्त शक्ति है। इस दौरान चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जिला स्तर पर मृत, पलायन कर चुके या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की सूची साझा करने पर सहमति जताई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से 19 अगस्त तक मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख मतदाताओं की पहचान का खुलासा करने को कहा। कोर्ट ने 22 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी। […]

बुलडोजर एक्शन : संपत्तियों के तोड़फोड़ पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई शुरू

बुलडोजर एक्शन के मामले : सुप्रीम कोर्ट (supreme-court) ने आज उन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कई राज्यों में अपराध के आरोपियों या किसी अन्य की संपत्तियों को गिराया जा रहा है। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने 17 सितंबर को कहा था कि 1 अक्टूबर तक बिना सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति के किसी की भी संपत्तियों को नहीं गिराया जाएगा। अपने निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अवैध रूप से ध्वस्तीकरण का एक भी मामला संविधान के ‘मूल सिद्धांतों’ के खिलाफ है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि उसका आदेश उन मामलों में […]