चक्रधर समारोह में सजेगी सुर, ताल और संस्कृति की दस दिवसीय महफिल

० कविता कृष्णमूर्ति, अनुज शर्मा, भारती बंधु और इंडियन आइडल फेम कलाकारों समेत देश-प्रदेश की नामचीन प्रतिभाएं बिखेरेंगी संस्कृति के रंग 0 शास्त्रीय नृत्य, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य वादन से गुलजार होगा रायगढ़ रायपुर। महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 में इस बार कला और संस्कृति के विविध रंग एक साथ देखने को मिलेंगे। रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितम्बर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में स्थानीय प्रतिभाओं से लेकर देश-प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे से शुरू होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में शास्त्रीय […]

चक्रधर समारोह 2025 : शास्त्रीय नृत्य और गायन की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजी संध्या

रायपुर।रायगढ़ में जारी 40वें चक्रधर समारोह के दूसरे दिन देशभर के विख्यात कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में शास्त्रीय गायन, भारतनाट्यम, कथक, ओडिसी और लोकगायन की विविध छटा बिखरी। दिल्ली से आए प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित उदय कुमार मल्लिक ने दरभंगा घराने की परंपरा से जुड़ी ध्रुपद शैली का अनुपम गायन प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी मधुर और गूंजती तान ने संगीत प्रेमियों को रसविभोर कर दिया। भिलाई की नृत्यांगना एवं भरतनाट्यम गुरु डॉ. राखी रॉय और उनकी टीम ने भरतनाट्यम की पारंपरिक गरिमा, गहन अभिव्यक्ति और अद्भुत लय-ताल का संगम प्रस्तुत किया। भगवान शिव के नटराज स्वरूप, अर्धनारीश्वर और […]

चक्रधर समारोह 2025: 27 अगस्त से शुरू हो रहे समारोह में शास्त्रीय संगीत और लोक कलाओं का होगा संगम

रायपुर। देश-विदेश में ख्यातिप्राप्त चक्रधर समारोह का शुभारंभ 27 अगस्त से होने जा रहा है। कला के विविध रूपों के साधक और कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से इस समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे। इस वर्ष समारोह में शास्त्रीय संगीत के साथ लोक कलाओं का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा। शास्त्रीय गायन और वादन के साथ-साथ विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों एवं लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। समारोह में कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम और मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां देश के विख्यात कलाकारों द्वारा दी जाएंगी। कथक जहां उत्तर भारत की शास्त्रीय परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं ओडिसी पूर्वी भारत की, और मोहिनीअट्टम व भरतनाट्यम दक्षिण भारत की समृद्ध […]