पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत तथा जांच दल के सदस्य वेदांता पावर प्रभावितों से मिले

० प्रदेश में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाएं चिंता का विषय – दीपक बैज
० मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देने से दुर्घटनाएं हो रही – महंत
रायपुर। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अगुवाई में सक्ती के वेदांता पावर प्लांट गया तथा दुर्घटना स्थल एवं प्रभावितों से मुलाकात किया। उनके साथ वेदांता पावर दुर्घटना के लिए बनाई गई कांग्रेस की जांच समिति के संयोजक जयसिंह अग्रवाल एवं सदस्यगण पूर्व मंत्री उमेश पटेल, पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा, विधायक रामकुमार यादव, उत्तरी जांगड़े, अटल श्रीवास्तव, बालेश्वर साहू, राघवेन्द्र सिंह, व्यास कश्यप, शेषराज हरवंश, जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल, राजेश अग्रवाल भी शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाएं चिंता का विषय है। यह सुरक्षा मानकों के प्रति बरती जा रही घोर लापरवाही है। ऐसी घटना केवल दुर्घटना नहीं हत्या है, सदोष मानव वध है। राज्य में पिछले ढाई सालों में औद्योगिक दुर्घटना में लगभग 300 श्रमिकों की जानें गयी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि घटना के लिए प्रबंधन की जवाबदेही तय कर मुकदमा दर्ज किया जाए। सरकार प्रबंधन को बचा देती है इसीलिए घटना की लगातार पुनरावृत्ति हो रही है। हर बार सरकार प्रबंधन को बचाने का काम करती है। हमारी मांग है ऐसी कार्यवाही हो ताकि सुरक्षा मानकों के लिए लापरवाही बंद हो। घायलों का समुचित इलाज होना चाहिए। मृतकों को 1 करोड़, घायलों को 50 लाख मुआवजा दे।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा की स्थिति भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देने से दुर्घटनाएं हो रही। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भट्टी बंद किए बिना ही जोखिम भरे काम करवाना, सुरक्षा उपकरणों का न होना और बिना उचित परमिट के काम करना सामान्य बात हो गई है जो सुरक्षा तंत्र की विफलता का स्पष्ट संकेत है। औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का लगातार विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं, लेकिन इस सरकार का चरित्र शुतुरमुर्ग की तरह है। पूरे प्रदेश में संचालित उद्योगों में सुरक्षा ऑडिट कर तय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें सरकार।





