पत्रकारिता में मौलिकता अनिवार्य तत्व- प्रो.दयाल

० कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का 22वीं स्थापना दिवस समारोह
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में 22 वां स्थापना दिवस समारोह 16 अप्रैल गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि के बतौर प्रो. रवि आर सक्सेना कुलपति, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि आर. कृष्णा दास मुख्यमंत्री के सलाहकार और प्रभात मिश्र अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग रहे।
विश्वविद्यालय के स्वर्णिम उपलब्धियों पर कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो. रवि आर सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता शब्दों को निखारने की कला है और यह समाज में छवि निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने पत्रकारिता लेखन को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि आज के दौर में विषयों की गहराई को समझते हुए संवेदनशील लेखन की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से कृषि पत्रकारिता, क्लाइमेट चेंज और किसानों से जुड़े मुद्दों पर लेखन की चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों तक सही समय पर सही जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। प्रो. सक्सेना ने कहा कि विचारों से ही समाज का निर्माण होता है, इसलिए पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते समय सतर्क और जिम्मेदार रहने की सलाह दी। उन्होंने पत्रकरिता विश्वविद्यालय और उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय बीच एमओयू के माध्यम से सहयोग बढ़ाने की बात कही, ताकि शोध और व्यवहारिक ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके।
विशिष्ट अतिथि आर. कृष्णा दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता की चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन अवसर भी उतने ही व्यापक हैं। विश्वविद्यालय 22 वर्षों की यात्रा के साथ अब युवावस्था में प्रवेश कर चुका है और यही वह चरण होता है जहां प्रोफेशनलिज्म की वास्तविक शुरुआत होती है। विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों से ही संस्थान आज इस मुकाम तक पहुंचा है। अकादमिक जीवन ही एक ऐसा स्थान होता जहां सफलता के साथ-साथ विफलताओं को भी स्वीकारा जाता है। जीवन के हर क्षेत्र में चुनौतियां आती हैं, और उनसे जूझते हुए ही व्यक्तित्व का विकास होता है। इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की नेतृत्व क्षमता का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से उनके जीवन मूल्यों और लीडरशिप को अपनाने की बात कही।
विशिष्ट अतिथि प्रभात मिश्र ने कहा कि राजभाषा को आगे बढ़ाना हमारा कृत संकल्प है। उन्होंने रायपुर, छत्तीसगढ़ के समृद्ध इतिहास का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रायपुर प्राचीन काल से ही व्यापार, संस्कृति और प्रशासन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने यहां की ऐतिहासिक धरोहर, लोकसंस्कृति और भाषा की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी परंपराओं और लोकजीवन से जुड़ी हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति को समझें और उसे अपनी लेखनी के माध्यम से आगे बढ़ाएं। उन्होंने बताया की छत्तीसगढ़ी बोली को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का कार्य पुरजोर से किया जा रहा है और जल्द ही इस क्षेत्र में हमें बड़ी सफलता मिलेगी। पत्रकारिता के विद्यार्थियों का ध्यान उन्होंने साहित्यिक पत्रकारिता की और आकर्षित करने की बात कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। विश्वविद्यालय के 21 वर्ष पूर्ण हो चुके है। उन्होंने पत्रकारिता की मौलिकता को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि बदलते समय में भी मूल्यों का संरक्षण जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी स्ट्रेंथ और वीकनेस की पहचान करने की सलाह देते हुए उन्होंने आत्मविश्लेषण को सफलता की कुंजी बताया। प्रो. दयाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बारे में कहा कि सृजनात्मक पत्रकारिता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह एक सहायक उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि एक सफल पत्रकार बनने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे के संघर्ष, त्याग और समर्पण से प्रेरणा लेनी चाहिए।
विद्यार्थियों को उन्होंने शॉर्टकट अपनाने से बचने, परिश्रम, अनुशासन और संयम को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने डेटा पत्रकारिता और ड्रोन पत्रकारिता जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार करने की बात कही। कार्यक्रम का स्वागत भाषण विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शैलेन्द खंडेलवाल ने दिया। कार्यक्रम का संचालन विवि के प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ आशुतोष मंडावी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रोनिक मीडिया डॉ. नृपेन्द्र शर्मा ने किया। हॉस्पिटल प्रबंधन विभाग के स्वास्थ शिविर में बड़ी संख्या में लोग सम्मलित हुए। विद्यार्थियों के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए सुएव, व्ही.वाय., वेंकटेथ, गुडविल एवं संकल्प हॉस्पिटल के साथ एमओयू किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, विद्यार्थी एवं अन्य आमंत्रित अतिथि के साथ समारोह में विवि के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





