#प्रदेश

भारतमाला मुआवजा घोटाला: धमतरी में अजय चंद्राकर के भाई के ठिकानों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई दस्तावेज बरामद

Advertisement Carousel

 

धमतरी। धमतरी में बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर से जुड़े ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

देर रात तक चली कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह ईडी की टीम दस्तावेज जब्त कर रोशन चंद्राकर के निवास से रवाना हुई। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के बाद इस मामले में और कई नाम सामने आ सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, ईडी ने धमतरी के अलावा अन्य संबंधित ठिकानों पर भी छापेमारी की। भूपेंद्र चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला परियोजना के तहत करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाने में भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि अजय चंद्राकर के रिश्तेदार रोशन चंद्राकर के यहां इससे पहले भी राइस मिल लेवी वसूली मामले में ईडी छापा मार चुकी है, जिसमें उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

क्या है पूरा मामला

भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में जमीन अधिग्रहण के दौरान बड़े पैमाने पर मुआवजा घोटाले के आरोप लगे हैं। रायपुर से विशाखापत्तनम तक प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताओं की बात सामने आई है।

अलग-अलग लोगों के नाम पर मुआवजा जारी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। इस कथित घोटाले में राजस्व विभाग के अधिकारी—एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी—की जमीन दलालों के साथ मिलीभगत सामने आई है।
एक ही जमीन को कागजों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के नाम पर मुआवजा जारी किया गया।

अब तक की कार्रवाई

ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) पहले ही रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां अटैच कर चुकी हैं, साथ ही 40 लाख रुपये से अधिक नकद जब्त किए गए हैं।
मामले में तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू समेत कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा, ईओडब्ल्यू ने 10 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट भी दाखिल की है, जिनमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल शामिल हैं।