भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाला: ED की बड़ी छापेमारी, लाखों नकद और 37 किलो चांदी बरामद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद में कुल 8 ठिकानों पर की गई।
ED द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान करीब 66.9 लाख रुपये नकद, 37.13 किलोग्राम चांदी (जिसमें चांदी की ईंटें और अन्य वस्तुएं शामिल हैं), डिजिटल उपकरण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा वितरण में कथित गड़बड़ी के मामले में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर भूमि अभिलेखों में हेराफेरी और जालसाजी के जरिए अवैध रूप से मुआवजा हासिल किया।
मामले की शुरुआत ACB/EOW रायपुर द्वारा दर्ज FIR से हुई थी, जिसमें अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
ED ने इस मामले में PMLA, 2002 के तहत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अधिसूचना जारी होने के बावजूद आरोपियों ने जमीन के स्वामित्व में बदलाव किए और उसे छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर अधिक मुआवजा प्राप्त किया। संशोधित खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा स्वीकृत कराया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
ED का कहना है कि अवैध रूप से प्राप्त यह अतिरिक्त मुआवजा “अपराध की आय” की श्रेणी में आता है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





